जनता की हिफंाजत के लिये पुलिस महकमें को मिले 890 जाबाज जवान


 सीतापुर।
जिले में पिछले छह महीनों से नागरिक पुलिस का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे महिला, पुरुष रिक्रूटों की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद बुधवार को 890 जवान पुलिस के बेड़े में शामिल हो गए। पासिंग लाइन पार करते ही आरक्षियों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वह खुशी से उछल पड़े। ऐसा होना भी लाजिमी था। लंबे अर्से का ख्वाब हकीकत में बदल चुका था। इंतजार की घड़ियां खत्म हो चुकी थीं। पुलिस को मिले 890 जवानों में 250 महिला रिक्रूूट भी शामिल हैं। पुलिस लाइंस में एसपी और शहर की तीनों वाहिनियों में कमांडेंट ने दीक्षांत समारोह का मान प्रणाम ग्रहण कर जवानों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाते हुए कर्तव्य के पथ पर सच्चे राही की तरह डट कर मुकाबला करने का पाठ पढ़ाया। बुधवार की सुबह पुलिस लाइंस से लेकर द्वितीय वाहिनी, 11वीं वाहिनी, 27वीं वाहिनी के ग्राउंड दुल्हन की तरह सजे-धजे नजर आ रहे थे। हरओर खुशी का माहौल था। ग्राउंड पर बावर्दी मौजूद महिला और पुरुष रिक्रूटों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। मौका था दीक्षांत परेड समारोह का। पुलिस लाइंस से लेकर तीनों वाहिनियों में नागरिक पुलिस भर्ती का प्रशिक्षण कर रहे रिक्रूटों की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी थी। इसी के उपलक्ष्य में दीक्षांत परेड समारोह का आयोजन किया गया था। 11रू50 बजे एसपी आरपी सिंह पुलिस लाइंस पहुंचते हैं। कप्तान के पहुंचते ही सलामी दी जाती है। इसके बाद एसपी गाड़ी में सवार होकर परेड का निरीक्षण करते हैं। निरीक्षण के बाद दीक्षांत परेड समारोह के मुख्य अतिथि एसपी आरपी सिंह अपनी जगह पर पहुंचते हैं। सामने टोली कमांडर के नेतृत्व में महिला रिक्रूटों की टोलियां बावर्दी मौजूद थीं। महिला रिक्रूटों की टोलियां कदमताल करते हुए आगे बढ़ती हैं। महिला रिक्रूटों के हाथों में राइफलें थीं। उन्हें लेकर वह ज्यों-ज्यों आगे बढ़ रहीं थी, त्यों-त्यों पुलिस लाइंस का माहौल और खुशनुमा हो जा रहा था। इसी बीच जैसे ही रिक्रूटों ने पासिंग लाइन पार की, वैसे ही उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इसी के साथ सभी महिला रिक्रूट पुलिस के बेड़े में शामिल हो चुकी थीं। इसके बाद एसपी आरपी सिंह ने सभी महिला रिक्रूटों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। एसपी ने कहा कि अभी तक आप अपने मां-बाप की बेटी थी। आप पर अपने परिवार की ही जिम्मेदारी थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब आप पर पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उनका सही से निर्वहन करना ही आपका फर्ज है। एसपी ने इस दौरान अपने अनुभवों के जरिए पुलिस का हिस्सा बनी रिक्रूटों को पुलिसिंग का पाठ पढ़ाया। आरआई पुलिस लाइंस ने बताया कि यहां पर पिछले छह माह से 250 महिला रिक्रट ट्रेनिंग कर रहीं थी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद पासिंग लाइन पार कर सभी पुलिस का हिस्सा बन गई हैं। बताया कि सभी महिला रिक्रूटों को उनके तैनाती स्थल वाले जिले हरदोई, लखीमपुर, सीतापुर भेजा गया है। शहर के 11वीं वाहिनी में ट्रेनिंग कर रहे 193 पुरुष रिक्रूटों का प्रशिक्षण की अवधि पूरी होने के मौके पर बुधवार को यहां भी दीक्षांत परेड समारोह का आयोजन किया गया। दीक्षांत परेड के मुख्य अतिथि कमांडेंट 11वीं वाहिनी अखिलेश चैरसिया रहे। पासिंग लाइन कर सभी 193 रिक्रूट आरक्षी पुलिस का हिस्सा बन गए। इसके बाद कमांडेंट ने सभी को पद एवं गोपनीयता का शपथ दिलाई। कमांडेंट ने बताया कि आप लोगों के ऊपर अब समाज की जिम्मेदारी आ चुकी है। इसका पालन करना आपकी नैतिक जिम्मेदारी है। समाज ही आपका घर-परिवार है। 28 जून 2021 से ट्रेनिंग चल रही थी। प्रशिक्षण कर रहे आरक्षी बिजनौर, संभल, उन्नाव, संतकबीरनगर जिले से आए थे। सभी को तैनाती स्थल के जिलों में रवाना किया गया है।द्वितीय वाहिनी पीएसी के डिप्टी कमांडेंट बीसी दुबे ने बताया कि पीएसी में 199 पुरुष आरक्षी ट्रेनिंग कर रहे थे। छह माह का समय पूूरा होने के बाद बुधवार को दीक्षांत समारोह का आयोजन हुआ। पासिंग लाइन पार कर सभी 199 रिक्रूट आरक्षी पुलिस के बेड़े में शामिल हो गए। दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि कमांडेंट संजय सिंह ने सभी केे शपथ दिलाई और समाज के प्रति अच्छी सोचकर रखकर, धर्म, जाति, मजहब से ऊपर उठकर सभी को एक नजर से देखकर उनकी मदद, ईमानदारी और निष्ठा से पुलिसिंग का पाठ पढ़ाया। वहीं, दीक्षांत समारोह का आयोजन 27वीं वाहिनी में भी किया। छह माह की ट्रेनिंग पूरी करने वाले सभी 248 पुरुष आरक्षी पासिंग लाइन पार कर पुलिस का हिस्सा बन गए। दीक्षांत समारोह को लेकर तैयारियां पहले से ही मुकम्मल थी। हर ओर खुशी का माहौल था। मुख्य अतिथि कमांडेंट एमआर सिंह ने परेड का निरीक्षण करते हुए पुलिस के बेड़े में शामिल हुए सभी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।


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