अपराधिक घटनाओं को छिपाने और अपराधों को रोकपाने में अक्षम साबित हो रहे इमलिया थानाध्यक्ष

 


थानाध्यक्ष द्वारा बतायी जा रही लूट की फर्जी घटना की जांच कर रही सर्विलांश सेल

पीड़ित ने किया दावा कि मेरे साथ हुई है लूट

सीतापुर। अपराधों के छिपाने में माहिर इमलिया थानाध्यक्ष अब लूट जैसी घटनाओं को फर्जी बताने लगे है जबकि वादी बार बार लूट होने की बात कह रहा है। अपराध छिपाऊ नीतियेां के कारण आज इमलिया क्षेत्र में अपराधों का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। पीड़ितो को इंसाफ नही मिल रहा है लेकिन अब अनुमान लगाया जा रहा है कि ऐसा नही होगा क्योकि एक माला का संज्ञान स्वयं पुलिस अधीक्षक ने लिया है और उस पर जांच भी पुटप कर दी है जांच अधिकारी मौके पर जाकर पीड़ित का बयान भी दर्ज कर लिया हैं। वारदातों को दबाने और छिपाने के लग रहे आरोपों के बीच एसओ इमलिया सुल्तानपुर की कार्यशैली एक बार फिर से चर्चा में है। घटनाओं को रोकने में नाकाम थानेदार वारदात के बाद भी पर्दा डालने की पुरजोर कोशिश करते हैं। ऐसा हम नहीं बल्कि चार दिन पूर्व जिला मुख्यालय से घर जा रहे युवक के साथ हुई लूटपाट की घटना बता रही है। एसओ जिस वारदात को फर्जी और पीड़ित की ओर से मनगढ़ंत कहानी बताकर मामले से पल्ला झाड़ रहे थे, अब उसी मामले की जांच एसपी ने साइबर व सर्विलांस सेल के प्रभारी को सौंप दी है। रविवार को सर्विलांस सेल के प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर जांच की और बयान दर्ज किए। इमलिया सुल्तानपुर इलाके के छतौना गांव निवासी रोशन बीती बुधवार रात जिला मुख्यालय से साइकिल से घर जा रहा था। इसी बीच इमलिया सुल्तानपुर क्षेत्र में सीतापुर-बंहौरा मार्ग पर रामपुर भूड़ा से छतौना जाने वाले मार्ग पर पहले से घात लगाए बैठे तीन बदमाशों ने उसे रोक लिया था। गन्ने के खेत में खींचकर ले जाने के बाद बदमाशों ने उसकी पिटाई कर दी थी। मफलर से गला कस दिया। इसके बाद बदमाश उसके पास से 1500 की नकदी, मोबाइल लूटकर मौके से फरार हो गए थे। यूपी 112 की पुलिस ने पीड़ित को एलिया सीएचसी में भर्ती कराया था। घटना के अगले दिन गुरुवार को पीड़ित मामले की तहरीर लेकर इमलिया सुल्तानपुर थाने पहुंचा था। उसका आरोप है कि थाने जाने पर एसओ ने कार्रवाई करने के बजाय उसे भगा दिया। एसओ अनिल सिंह मामला संदिग्ध बताकर शराब पीकर विवाद की बात कह रहे थे। इस घटना को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। भले ही एसओ इमलिया इस घटना को फर्जी करार दे रहे हों, लेकिन खबर छपने के बाद एसपी आरपी सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया। घटना की जांच साइबर व सर्विलांस सेल के प्रभारी अजय रावत को सौंपी। ऐसे में एसओ की कार्यशैली कठघरे में है। साइबर व सर्विलांस सेल के प्रभारी अजय रावत ने बताया कि इमलिया सुल्तानपुर में 22 दिसंबर की रात हुई लूट की जांच की जा रही है। रविवार को मौके पर पहुंचकर जांच की है। पीड़ित से बातचीत कर बयान दर्ज किए गए हैं। उसके मोबाइल नंबर को सर्विलांस सेल पर लगाया गया है। जांच की जा रही है। एसओ क्या बता रहे हैं, उससे मतलब नहीं है। जांच में लग रहा है कि लूट हुई है। लोकल गैंग लग रहा है। जांच की जा रही है। जल्द ही वर्कआउट किया जाएगा। एसओ इमलिया सुल्तानपुर अनिल सिंह चोरी हो या लूट, हर घटना को वह संदिग्ध बताते हैं। केस दर्ज करने से कतराते हैं। ऐसे में सवाल यह है कि ऐसे कैसे अपराध रुकेगा। पिछले दिनों पुलिस पिकेट के पास सराफा की दुकान में चोरी को भी वह भी नकारते रहे, इधर 23 दिसंबर की रात एसपी ने पुलिस पिकेट पर तैनात सिपाही कुलदीप और वेद प्रकाश को लाइन हाजिर कर दिया था। 


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