संत फकीरा दास स्मृति दिवस का हुआ आयोजन।

 



धौरहरा खीरी।

हमेशा से संतों की कर्म स्थली रही धौरहरा महान संत    संत शिरोमणि श्री तुलसीदास की भी कर्म स्थली रही है यहां पर उन्होंने बालकांड के कुछ अंश भी लिखे हैं |  संत तुलसीदास के समकक्ष संत फकीरा दास का भी स्मारक ध धौरहरा में स्थित है 

 संत फकीरा दास स्मारक मठ सीमित के तत्वाधान में प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी  संत फकीर दास की स्मृति में पावन कथा का आयोजन चल रहा है जिसका आयोजन प्रत्येक वर्ष के दिसंबर मांह में होता है कड़ाके की ठंड में भी श्रोता गण दूर-दूर अन्य जिलों व नेपाल राष्ट्र नेपाल और भारतीय सीमा क्षेत्र से आए हुए संत फकीरा दास व मठ धारी संत कन्हैया दास के चेला - चेली आकर मठ पर शीश नवाते हैं वह प्रतिदिन भगवत कीर्तन कथा का आनंद लेते हैं इस वर्ष 19 दिसंबर 2021 दिन रविवार से 29 दिसंबर दिन बुधवार तक भगवत कथा का आयोजन चल रहा है जिसमें प्रत्येक दिन रोस्टर के हिसाब से कथावाचक बदलते रहते  है वह विद्वान महिला कथावाचक भी आती हैं आज बुधवार अमृत रूपी भगवत कथा का प्रवचन वाचक श्री सर्वेश अवस्थी महाराज बजरंगी सीतापुरी द्वारा कथा का रसपान हो रहा है भारी तादाद में श्रोता गण भगवत कथा का आनंद ले कर जीवन को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने में मंत्रमुग्ध है कथा का आनंद ले रही महिलाएं भी भाव विभोर हुई|

मठधारी मठ संरक्षक महंत कन्हैया दास ने बताया कि प्रत्येक दिन भंडारा भी चल रहा है जिस में आए हुए चेला चेली व  अन्य भक्तगण प्रसाद वितरण भोजन भंडारा कर रहे हैं संत फकीर दास की कृपा से प्रतिवर्ष यह कार्यक्रम उनकी पावन स्मृति में मनाया जाता है वह भव्य रुप से कथा भागवत का आयोजन भी किया जाता है क्षेत्र व कस्बे से पूरा सहयोग मिलता है प्रतिदिन भक्तों द्वारा कढ़ाई भोज भी चढ़ता रहता है और प्रसाद वितरण चलता रहता है।

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