मनरेगा बना भ्रष्टाचार का गढ़


 
मिश्रिख सीतापुर भ्रष्टाचार का गढ़ बताते चलें टीए तकनीकी मनरेगा सहायक जमकर जेब गर्म कर रहे हैं कुछ ऐसे फर्जी जॉब कार्ड हैं वे काम करने नहीं जाते हैं घर बैठे पैसा को मिलता है अगर जमीनी स्तरीय जांच हो जाए हकीकत खुश सामने आ जाएगी क्या डीएम कोई ठोस कदम उठाएंगे ऐसे भ्रष्टाचारियों के खिलाफ 10 सालों से अंगद के समान पांव जमाए बैठे हैं एक तरफ योगी आदित्यनाथ सरकार भ्रष्टाचार मुक्त करने में लगी है वही अधिकारी भ्रष्टाचार कायम रखे हैं खुलेआम योगी सरकार को ठेंगा दिखा रहे हैं जमकर गरीबों का शोषण कर रहे हैं जांच का विषय है पंचायत व मनरेगा विभाग में चरम पर पहुंचा भ्रष्टाचार एक ही ब्लॉक में दशकों से तैनात हैं कम्प्यूटर आपरेटर और लेखा सहायशासनादेश की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहा पंचायत विभाग से जुड़ा मनरेगा विभाग,विकास के लिए संचालित महत्वाकांक्षी योजनाओं को दफना कर, खुद करोड़पति बन रहे हैं जिम्मेदारों के विरुद्ध जांच होनी चाहिए!मनरेगा योजना के अंतर्गत कुल कार्यों में सृजित मानव दिवसों के भुगतान का चालीस प्रतिशत जनपद मुख्यालय पर पक्के कामों,सी सी,खड़ंजा,इंटर लॉकिंग सहित विकास कार्यों के लिए निर्गत किया जाता है!परन्तु शासनादेश के विरुद्ध काफी समय से एक ही ब्लॉक में तैनात लेखा सहायक व कम्प्यूटर आपरेटर सहित,कई ब्लाकों में एक साथ तैनात बी डी ओ,और कार्य से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों की मिली भगत से,खुलेआम विकास के नाम पर भेजी गई धनराशि को कागजों में समेट कर लूट की जा रही

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Sitapur Breaking News :पत्नी से़ छुब्ध होकर युवक ने लगाई फांसी।

यूपी में बैंक के समय में हुआ बड़ा बदलाव

उत्तर प्रदेश में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट की अनिवार्यता पर रोक