घर बैठे रोगी को मिलेगी आनलाइन इलाज की सुविधा

 


ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को मिलेगा बेहतर इलाज 

 लखीमपुर: जैनस इनीशिएटिव्स एवं डाक्स नियर मी  द्वारा जनपद वासियों के लिए टेली मेडिसिन सेंटर का शुभारंभ  किया गया। इसकी शुरुआत रविवार को निर्मल नगर में दुर्बल आश्रम रोड पर  देश के प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डा. पंकज कुमार श्रीवास्तव ने किया। शिविर में सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक प्रतिदिन 9838259609 पर संपर्क कर सुविधा का लाभ उठाया जा सकता है।
इस मौके पर नवजात शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डाक्टर पीयूष शर्मा, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डा अलका राय कैंप में मुख्य रूप से मौजूद रहीं।
 इस सेंटर पर डाक्स नियर मी के मोबाइल ऐप से रोगी दूसरे बड़े शहरों के स्पेशलिस्ट एवं सुपर स्पेशलिस्ट डाक्टरों से वीडियो  कंसल्टेशन के जरिए रोगों  का समाधान पा सकते है । टेली मेडिसिन सेंटर पर आप अपने ब्लड प्रेशर, पल्स रेट, वज़न, कद, आक्सीजन की मात्रा, शुगर की जांच भी करवा सकते है ।
ग्रामीण क्षेत्रों के रोगी भी अब दूसरे शहरों के विशेषज्ञ चिकित्सक से फोन पर आनलाइन इलाज की सुविधा पा सकेंगे।  टेली मेडिसिन सेंटर पर रोगियों की हर बीमारी का इलाज हो सकेगा। 
जिले में ग्रामीण क्षेत्र के रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए यह पहल शुरू कर दी है।  इस सेंटर के माध्यम से लखनऊ व अन्य शहरों में बैठे चिकित्सक मरीजों का आनलाइन इलाज करेंगे। इसके लिए निर्मल नगर के टेली मेडिसिन सेंटर पर एक लैपटॉप व अन्य उपकरण  उपलब्ध कराए गए हैं।  दो कर्मियों पर टेली मेडिसिन सेंटर की जिम्मेदारी दी गई है। जो लैपटॉप के जरिए लखनऊ व अन्य शहरों में बैठे चिकित्सकों की रोगियों से वीडियो कालिंग के जरिए बात कराएंगे। रोगी को जो भी रोग होगा वह चिकित्सकों को बताएगा और चिकित्सक उसी अनुरूप दवा लिखेंगे। जिले में अभी  निर्मल नगर में ही टेलीमेडिसिन सेंटर खुला है।

इन रोगों का होगा इलाज

टेली मेडिसिन सेंटर पर हड्डी रोग, बच्चों के रोग, स्किन डर्मा, स्त्री एवं प्रसूति रोग, थायराइड, ब्लड प्रेशर, शुगर, घुटने में दर्द, हार्ट की समस्या आदि का आनलाइन इलाज किया जाएगा। इनके चिकित्सक हमेशा टेली मेडिसिन सेंटर में ऑनलाइन रहते हैं। एक बार पंजीकरण हो जाने के बाद मरीजों की सूचनाएं उसी में दर्ज होती रहती हैं। जिसे टेली मेडिसिन सेंटर के चिकित्सक आनलाइन देख सकते हैं।
ऐसे होता है इलाज
टेली मेडिसिन सेंटर के द्वारा मरीजों को आनलाइन सेंटर में बैठे हुए चिकित्सकों को रेफर किया जाता है। वहां से चिकित्सक को आनलाइन सूचनाएं दी जाती हैं। यहां से मरीज की ऊंचाई, वजन, ब्लड प्रेशर, हार्ट बीट के साथ ही ईसीजी तक को चिकित्सकों तक पहुंचा दिया जाता है। इसके बाद रोगियों की वीडियो कालिंग से डाक्टर की बात कराई जाती है। डाक्टर रोगी की समस्या सुनकर उसी हिसाब से दवा लिखते हैं। दवा की पर्ची का प्रिंट आउट निकालकर रोगी को दे दिया जाता है।
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