भ्रष्टाचार:जुलाई में सिगाड़ा पड़ा और ताल की नीलामी हुई आठ नबम्बर को

 


भ्रष्टाचार की कड़ी में जुड़ा टोडरपुर तालाब का आवंटन

शाहाबाद। प्रदेश के मुखिया का आदेश है कि तालाब, कुंआ, खेल के मैदान, मरघट, चरागाह आदि पर अवैध कब्जे करने वालों के खिलाफ कठोर कार्यवाही होना सुनिश्चित हो मगर उनके आदेशो का इस तहसील में एक भी आदेश को अमली जामा नहीं पहनाया जा रहा है। बताते चलें कि तहसील क्षेत्र के अन्र्तगत खेल के मैदान पर अवैध कब्जों के साथ-साथ आवास भी बने हुए है। टोडरपुर में ही लगभग 300 बीघा में सिगाड़े की फसल बिना पट्टा अवैध रूप से डाली गई जिसमें सिगाड़ा भी निकल रहा है।हैरतअंगेज बात यह है कि ताल की नीलामी 8 नबम्बर को हुई जबकि जुलाई में ही अवैध रूप से सिगाड़ा डाला गया। जिसकी जानकारी न हल्का लेखपाल को न तहसील प्रशासन को। बताया जाता है कि जिन लोगों ने उक्त तालाब में सिगाड़े की फसल डाली है वह वकायदा तहसील अभिलेखों में वकायदारों की सूची में आते है। आखिर इतने बड़े रकवा में सिगाड़े की बेल पड़ी है, कौन मेहरबान है। ऐसी एक नहीं तमाम मामले नगर क्षेत्र से लेकर तहसील क्षेत्र तक अवैध कब्जे की भरमार है मगर तहसील प्रशासन सत्तापक्ष के दबाव में कार्यवाही करने से कतरा रहा है। योगी के सपनों को तहसील प्रशासन पूर्णतः असफल करने पर अमादा है। जैसा कि सूत्र बताते है कि यदि जिला के मुखिया इस विषय को गंभीरता से ले तो कोई भी ग्रामसभा में खेल का मैदान अतिक्रमण से वंचित हो। हैरत की बात तो यह कि राष्ट्रपिता म्यु0 इण्टर कालेज में वृक्षारोपण कराकर खेलने कूदने से बच्चों की भी वंचित कर दिया गया है। इस सम्बंध में टोडरपुर के नीलकमल मिश्र ने डीएम को शिकायती पत्र देकर कार्यवाही की मांग की। जिस पर बताया गया कि जांच चल रही है। यदि नीलामी से पूर्व तालाब में सिंगाड़ा डाला गया तो नीलम कर दिया जाएगा।


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