वलियों और सूफियों से सीखना चाहिए इंसानियत का सबक:इशहाक अली

 


आस्ताने हजरत दादा मियां पर मनाया गया 12वां जशने ग़ौसुल वरा  

सण्डीला हरदोई। हर वर्ष की तरह जशने ग़ौसुल वरा व परचमे गौस पाक बुधवार को नगर के आस्ताना हज़रत दादा मियां मोहल्ला मलकाना में 12वां जशने ग़ौसुल वरा व परचमे गौस पाक का एहतिमाम किया गया। जिसमे बाद नमाज़ मग़रिब चरागां उसके बाद सरकार गौसे पाक रह0 का कुल शरीफ हुआ और नाते मंक़बत व सलातो सलाम पढ़ा गया। परचमे गौस को क़दीमी मस्जिद बंजारों वाली में ले जाया गया जहां पर फातेहा खुवानी हुई। सय्यद अज़फार हुसैन उर्फ असद साहब के घर परचम कि ज़ियारत तमाम लोगो ने कि और मन्नते मानी, सलातो सलाम हुआ और शिरिनी तकसीम कि गई। परचमे गौसे पाक को बहुत अदबो एहतराम से वापस आस्ताना हज़रत दादा मियां में लाया गया। गद्दी नशीन सूफी शुजाअत अली खान वारसी साहब ने देश मे अमन और चैन व कोरोना से निजात कि दुआ की गई। इस मौके पर सज्जादा नशीन इशहाक़ अली खान वारसी ने सभी को एक संदेश दिया कि हमे वलियों, सूफियों से सीखना चाहिए इंसानियत का सबक़ सही रास्ता अगर चलोगे तो वालियों का रास्ता ही अपनाना होगा। इस मौके पर खलीफा अक़ील अहमद, सदर शकील अहमद, मो0 सईद, मो0 हुसैन, अब्दुल सलाम, मो0 मेराज, हाफिज नदीम साहब, हाफिज रहमत अली, हाफिज उवैस, मो0 ज़ैद, हिदायत अली, रानू अंसारी व सूफी इक़बाल साहब मौजूद रहे। 


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