मुख्तार अंसारी को एक ही दिन में 5 करोड़ की चोट, लखनऊ में पत्नी की जमीन कुर्क


 लखनऊ,
विधायक माफिया मुख्तार अंसारी पर योगी सरकार की कार्रवाई जारी है। रविवार को मुख्तार अंसारी पर पांच करोड़ की बड़ी चोट मारी गई। राजधानी लखनऊ में हुसैनगंज में विधानसभा मार्ग पर स्थित मुख्तार अंसारी की तीन करोड़ की जमीन कुर्क कर ली गई। यह जमीन मुख्तार की पत्नी अफशा अंसारी के नाम पर खरीदी गई थी। वहीं मऊ में मुख्तार के दो करीबियों की दो करोड़ से ज्यादा की संपत्ति कुर्क कर ली गई।

आजमगढ़ से लखनऊ पहुंची पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत 194 वर्ग मीटर की जमीन को कुर्क किया। जमीन की कीमत करीब तीन करोड़ रुपये बतायी जा रही है। इस जमीन पर पहले पेट्रोल पम्प चल रहा था। पुलिस का दावा है कि यह जमीन नजूल की है जिसे फर्जी दस्तावेजों से अवैध रूप से मुख्तार की पत्नी के नाम बेचा गया था।

आजमगढ़ के तरवां थाने में मुख्तार के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज हुआ था। आजमगढ़ डीएम के आदेश पर ही विवेचक प्रशांत श्रीवास्तव टीम के साथ इस जमीन को कुर्क करने के लिये लखनऊ आये थे। विवेचक ने डीएम कार्यालय से कानूनी औपचारिकता पूरी की। इसके बाद विधानसभा मार्ग पर पेट्रोल पम्प के पास मुख्तार की पत्नी के नाम से खरीदी गई जमीन पर टीम पहुंची। टीम में सदर तहसीलदार, एलडीए तहसीलदार, इंस्पेक्टर हुसैनगंज अजय कुमार सिंह और आजमगढ़ स्वाट टीम प्रभारी व विवेचक प्रशांत श्रीवास्तव मौजूद रहे। 

डुगडुगी पीटी गई, माइक से घोषणा हुई

तहसीलदार ने कुर्क की कार्रवाई के लिये पहले डुगडुगी पिटवायी। फिर माइक से कुर्की की कार्रवाई किये जाने की घोषणा की। इसके बाद इस जमीन पर तारों की बैरीकेडिंग कर नोटिस चस्पा कर दी गई। विवेचक के मुताबिक कुर्क की गई इस जमीन की कीमत सर्किल रेट के मुताबिक करीब डेढ़ करोड़ रुपये हैं जबकि सामान्य रूप से इसकी कीमत करीब तीन करोड़ रुपये बतायी जा रही है। इस जमीन का प्रशासक एडीएम और कस्टोडियन इंस्पेक्टर हुसैनगंज अजय कुमार सिंह को बनाय गया है।

वर्ष 2007 में खरीदी गई थी यह जमीन

जिला प्रशासन के अफसरों के मुताबिक मुख्तार अंसारी की पत्नी अफशा के नाम 22 अगस्त 2007 को इस जमीन की रजिस्ट्री करायी गई थी। यह जमीन नजूल की बतायी जा रही है। सुनील चक नाम के व्यक्ति ने नजूल की इस जमीन का एक हिस्सा मुख्तार अंसारी को बेच दिया था। कुर्की की कार्रवाई के बाद इस जमीन पर अपना अधिकार होने का जिला प्रशासन ने बोर्ड लगा दिया। मुख्तार अंसारी इस समय बांदा जेल में बंद है। आजमगढ़ पुलिस ने बताया कि मुख्तार ने अपराध से अर्जित सम्पत्ति से यह जमीन खरीदी थी। मुख्तार के खिलाफ वर्ष 2020 में तरवां थाने से गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी।

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