45 दिन में एक हजार कुन्तल हो पाई धान खरीद, शोपीस बने क्रय केंद्र


 प्रशासन और मिलर्स का गठजोड़ बना खरीद में बाधा

शाहाबाद हरदोई। धान की खरीद शुरू हुये 45 दिन हो चुके हैं लेकिन अभी तक महज एक हजार कुन्तल ही धान की खरीद हो पाई। शासन के सख्त निर्देशों के बाद भी गल्ला मंडी में स्थापित किए गए सरकारी धान क्रय केंद्रों पर अभी तक सिर्फ एक हजार कुंटल धान की खरीद की जा सकी है। बताया जा रहा है कि अभी तक सिर्फ 5 किसानों को टोकन का लालच दिया गया। धान न तुल पाने की बजह से किसानों को मजबूरन 1200 सौ कुंतल अपना धान मंडी में आढ़तियों के हाथों बेचना पड़ा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार धान की खरीद प्रशासन द्वारा गुपचुप तरीके से दलालों के माध्यम से कराई जा रही है। जबकि शासन का स्पष्ट निर्देश है कि कोई भी धान क्रय एजेंसी या अधिकारी किसी किसान का धान खरीदने से मना नहीं करेगा। यहां पर एसडीएम सौरभ दुबे भी किसानों की समस्या हल नही कर सके।देखा जाये तो इससे के लिए कहीं न कहीं सरकार ही जिम्मेदार है। विदित हो कि एमएसपी को लेकर हजारों किसान आंदोलन में कहीं रोड जाम कहीं रेल जाम कहीं घरना कहीं प्रदर्शन कर रहे हैं बावजूद इसके किसानों की सुनने वाला कोई नहीं है। जबकि कहा तो यहां तक जाता है कि किसानों का धान सीधे सरकार द्वारा निर्धारित की गई तिथि से एमएसपी पर ही खरीदा जाएगा। सरकार द्वारा धान की गुणवत्ता को लेकर ऐसे कठोर निर्देश लागू किए गए हैं जिनके चलते धान खरीद के लिए फिट नहीं बैठ रहा है धान में नमी या कालापन होने के चलते किसानों का धान खरीदने से जिम्मेदारों द्वारा मना किया जा रहा है जबकिमंडी से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में मिलाकर 20 धान क्रय केंद्र बनाए गए हैं। जिनमें विपणन शाखा की ओर से मंडी समिति शाहाबाद में 4, पिहानी में 3 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। टोडरपुर ब्लाक के जमुरा गांव में एक धान खरीद केंद्र बनाया गया है। मंडी में यूपीएसएस की ओर से भी एक केंद्र बनाया गया है। डीसीएफ की ओर से अतर्जी, कलागाड़ा, रेभामुरादपुर तथा बिजय नगर, पिहानी, पचदेवरा और भरखनी, हररैया तथा मंडी परिषद का एक धान खरीद केन्र्द स्थापित किया गया है। सरकार की ओर से धान खरीद का जाल बिछाया तो पूरे क्षेत्र में गया है। केंद्र प्रभारियों का कहना है कि धान में नमी ज्यादा है तथा ज्यादा बारिश के चलते मॉस्चर की मात्रा तय मानक 17 फीसदी से कहीं ज्यादा है। किसान अच्छे दामों पर अपना धान न्यूनतम समर्थन मूल्य 1940 और ए ग्रेड धान का रेट 1960 प्रति कुंटल की दर से बेचना चाहता है लेकिन सरकार की शर्तें बाधक बन रही है।जबकि मुख्यमंत्री का अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश है कि किसानों के धान खरीद में कोई समस्या नही होनी चाहिये।पारदर्शिता के साथ धान की तौल हो यदि धान में नमी की समस्या आए तो केंद्र पर ही सुखाने की व्यवस्था की जाए और पंखे आदि का इंतजाम होना चाहिए।


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