कागजी दावों में ही बह गयी विकास की धारा, सबकुछ बदला मगर नही बदली गाँव की सूरत


 शाहाबाद हरदोई।
ब्लाक के गांव चिमना में गंदे पानी से लबालब हैं गांव के गलियारों कीचड़ बह रहा है। जिससे लोगों का गांव में रहना और निकलना दूभर हो गया है। सरकारें बदलती रहीं, प्रधान बदलते रहे सेक्रेटरी बदलते रहे परंतु गांव की सूरत और सीरत नही बदल सकी। गांव में वर्षों पुरानी इस विषम समस्या से गांववासी परेशान हैं। विकास के लिए बजट भी आया और कार्य भी करवाये गये लेकिन कागजों में ही सारा विकास कर दिया गया। ऐसा नहीं कि यहां विकास सम्बन्धी कार्यों की जांच भी हुई और दस्तावेज भी तैयार हुए परंतु बिडम्बना रही कि चिमना में विकास की धारा इस गंदे पानी के साथ ही बह चली और लोगों की मुसीबत दिन-ब-दिन बढ़ती ही गई।ग्रामीणों से बात करने पर उन्होंने बताया कि गांव के कई घरों से निकलने वाला गंदा पानी यहां पर आकर इकट्ठा हो जाता है, जिससे गलियारों में कीचड़ भरा रहता है। यह स्थिति विगत कई वर्षों से चली आ रही है। गाँव में नाली के अंतिम छोर पर यदि गौर किया जाय तो यहाँ हमेशा कीचड़ युक्त गन्दा पानी भरा रहता है। इससे परेशान होकर लोगों ने कई बार शिकायतें भी कीं लेकिन नतीजा कुछ भी नहीं निकला। यहां पर गंदे पानी के ठहराव के कारण बीमारियां फैलती हैं और संक्रमण का खतरा भी बढ़ने की संभावनाएं बनी रहती हैं।


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