राम रहीम को आजीवन कारावास सजा

 


एक बार फिर से डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को सीबीआई की विशेष अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। हालांकि राम रहीम पहले से ही सलाखों के पीछे हैं। वहीं बात उत्तर प्रदेश विधानसभा की करेंगे। नितिन अग्रवाल को उपाध्यक्ष चुन लिया गया है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें बधाई दी है और अंत में बात किसानों के रेल रोको अभियान की करेंगे। 

राम रहीम को उम्रकैद

पंचकुला में सीबीआई की एक विशेष अदालत ने हत्या के एक मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह समेत 5 लोगों की सजा पर फैसला सुना दिया है। आपको बता दें कि अदालत ने राम रहीम समेत सभी आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही राम रहीम पर 31 लाख रुपए और बाकी आरोपियों पर 50-50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।

सीबीआई के वकील के अनुसार, राम रहीम सिंह ने डेरा द्वारा किए गए जनकल्याण कार्यों का हवाला देते हुए नरमी बरतने का अनुरोध किया था। बहरहाल सीबीआई ने इसका विरोध किया और आईपीसी की धारा 302 के तहत अधिकतम सजा देने की मांग की थी। इससे पहले भी राम रहीम को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में उम्रकैद की सजा हो चुकी है।

10 जुलाई 2002 में कुरुक्षेत्र के पास रणजीत सिंह की उनके गांव में हत्या की गई थी। रणजीत सिंह डेरा के साथ जुड़े हुए थे और मैनेजर के पद पर काम कर रहे थे। डेरा प्रबंधन को शक था कि रणजीत सिंह ने साध्वी यौन शोषण की गुमनाम चिट्ठी अपनी बहन से ही लिखवाई थी। रणजीत सिंह ने राम रहीम पर लगे इस आरोप के बाद डेरा को छोड़ दिया था। गुरमीत राम रहीम ने बड़ी कोशिश की कि रणजीत सिंह वापस आ जाए। लेकिन जब वो नहीं आया तो उनकी हत्या करवा दी गई। इस मामले में पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट रणजीत के पिता ने जनवरी 2003 में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआई जांच की मांग की थी। 

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