भारतीय संस्कृति के प्रतीक हैं मेले, रामराज में जनता सर्वाधिक सुखी:विधायक

 


शाहाबाद हरदोई,।
मेले भारतीय संस्कृति और सभ्यता के प्रतीक हैं, जहां लोगों को मनोरंजन के साथ कई ज्ञानवर्धक जानकारियां प्राप्त होती है। रामराज में जनता सर्वाधिक सुखी रहती है। यह विचार भाजपा विधायक रजनी तिवारी ने लोनी गांव के रामलीला मेला का उद्घाटन करते समय व्यक्त किए। उन्होंने कहा, भारतीय   संस्कृति हमेशा से ही मेला प्रधान रही है। जहां लोगों को मनोरंजन के साथ, व्यापारियों को व्यापार और ज्ञानार्थियों को सामाजिक ज्ञान की प्राप्ति होती है, परस्पर आवागमन, मेल मिलाप से ग्रामीणों के बीच भाई चारा भी कायम रहता है। महर्षि बाल्मीकि ने रामायण एवं गोस्वामी तुलसीदास ने राम चरित मानस जैसे महाकाव्यों की रचना कर समाज को नैतिक मूल्यों से जोड़े रखा।रामराज में लोग दैहिक दैविक भौतिक सभी कष्टों से मुक्त रहे। इसलिए हमारा संकल्प रामराज की स्थापना का है। ताकि धार्मिक आदर्शों पर चलकर राष्ट्र को परम वैभव के शिखर पर पहुंचा सकें। पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्र0 नवनीत गुप्ता ने कहा कि हम सब बुराई त्याग कर, भलाई के रास्ते पर चलें। समाज का तभी भला होगा।उन्होंने ग्रामीण दर्शकों से अनुरोध किया कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शो को अपने जीवन में उतार कर ही धरती पर राम राज्य की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है। लोनी रामलीला का उद्घाटन भाजपा विधायक रजनी तिवारी ने फीता काट कर किया। इस मौके पर रामलीला समिति, लोनी के अध्यक्ष नलिन गुप्ता, उपाध्यक्ष श्याम किशोर पांडेय, प्रबंधक रजनीश बाजपेई, कोषाध्यक्ष सर्वेश कुमार पांडेय, उप कोषाध्यक्ष बृजभान कश्यप, महामंत्री विमल कुमार पांडेय, निर्देशक राजेश पांडेय, संचालक वीरेन्द्र द्विवेदी, ब्लॉक प्रमुख प्र0 टोडरपुर रामबाबू त्रिवेदी, आजाद सिंह, योगेश गुप्ता, चंदन शुक्ला, अनिल त्रिवेदी भूरे, विनोद कश्यप, समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे।


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