पंजाब में नई पार्टी बनाएंगे कैप्टन, जानिए BJP से किस शर्त पर करेंगे गठबंधन


 करीब एक महीना पहले पंजाब के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे चुके  कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य में होने वाले अगले चुनाव को लेकर पत्ते खोलने शुरू कर दिए हैं। अपने अगले दांव पर से सस्पेंस हटाते हुए अमरिंदर ने कहा कि वह अपनी पार्टी बनाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने यह संकेत भी दिया कि पंजाब विधानसभा चुनाव (Punjab Election 2022) के लिए भाजपा और अकाली से अलग हुए गुटों के साथ गठबंधन करेंगे। 

अमरिंदर ने यह भी संकेत दिया है कि तीन कृषि कानूनों के विरोध में लंबे समय से चल रहा किसानों का आंदोलन जल्द ही एक समाधान की ओर बढ़ सकता है। अमरिंदर के मुताबिक, भाजपा से गठबंधन का उनका निर्णय कृषि कानूनों के मुद्दे के संतोषजनक समाधान पर निर्भर करेगा।

'द प्रिंट' के साथ बातचीत में अमरिंदर ने कहा कि अगले साल के शुरू में होने वाले चुनावों के लिए भाजपा के अलावा वह शिरोमणि अकाली दल से अलग हुए समूहों, विशेष रूप से ढींढसा और ब्रह्मपुरा गुट, के साथ गठबंधन पर विचार कर रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें भाजपा से हाथ मिलाने में कोई वैचारिक दिक्कत होगी, तो अमरिंदर ने जवाब दिया कि मैं पंजाब के लिए खड़ा हुआ हूं और राज्य का हित सबसे ऊपर है।

अमरिंदर ने कहा कि उनका फोकस 2022 के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल कर पंजाब में सरकार बनाने पर रहेगा। भाजपा से किसी तरह के वैचारिक दिक्कत के मामले में अमरिंदर सिंह ने कहा कि वह पंजाब के साथ खड़े हैं। उनके लिए पंजाब के हित ही सबसे ऊपर हैं।

मुस्लिम विरोधी नहीं है भाजपा
18 सितंबर को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद यह पहला मौका है, जब कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भविष्य की अपनी योजनाओं के बारे में  खुलकर बात की है। मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद ही वह कांग्रेस छोड़ने और बीजेपी में शामिल नहीं होने की बात कह चुके हैं। बीजेपी जॉइन न करने की बात को एक बार फिर उन्होंने दोहराया, लेकिन कहा कि उसके साथ गठबंधन करना चाहेंगे। अमरिंदर ने यह भी कहा कि वह भाजपा को सांप्रदायिक और मुस्लिम विरोधी नहीं मनाते हैं।

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