बुखार बढा रहा अपना दायरा ध्वस्थ होती जा रही अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं

 


मलेरिया और डेगूं मरीजों की लगातार बढ़ रही संख्या

मेज से लेकर बेडो पर लेटे दो दो मरीज

सीतापुर। जिले में बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। मलेरिया से भी बच्चे संक्रमित हो रहे हैं। शनिवार को जिला अस्पताल में छह नए बच्चों को भर्ती किया गया, जिसमें दो बच्चे मलेरिया से संक्रमित मिले हैं। इन्हें चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती करा दिया गया है। दो अन्य मरीजों के संक्रमित मिलने पर उन्हें डेंगू वार्ड में भर्ती करके इलाज शुरू हो गया है। बुखार के प्रकोप के चलते चार बच्चों की हालत गंभीर हो गई। इन बच्चों को चिकित्सकों ने दवाई देकर भर्ती कर दिया है।जिले में वायरल बुखार व मलेरिया का प्रकोप चल रहा है। मलेरिया युवाओं के साथ बच्चों को भी चपेट में ले रहा है। शनिवार को ओपीडी में बुखार होने पर दिखाने आए छह बच्चों की हालत गंभीर थी। इस पर चिकित्सकों ने पहले भर्ती करके इलाज शुरू कर दिया। उसके बाद मलेरिया की जांच कराई। जिसमें दो बच्चे मलेरिया से संक्रमित मिले है। जिनमें इमलिया सुल्तानपुर इलाके के कुरका निवासी शिवम (6), शहर कोतवाली इलाके के अंगरासी निवासी कन्या (6) मलेरिया से संक्रमित हुई है।सकरन के बढ़ईनपुरवा निवासी आदित्य (2), कुरका निवासी दीपक (9), महोली के तेलकारी निवासी सुमित सिंह (10) व अंगरहिया निवासी अभिनव (10) को बुखार के चलते भर्ती किया गया है। चिल्ड्रेन वार्ड में 33 बच्चे भर्ती हो गए है। इससे यह वार्ड पूरी तरह से फुल हो गया है। एक-एक बेड पर दो-दो मरीज लेटे हुए है।जबकि दो युवक भी मलेरिया से संक्रमित मिले है। जिनमें इमलिया सुल्तानपुर इलाके की रोहनी (16) को डेंगू वार्ड में भर्ती किया गया है। जिला अस्पताल में बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए बेड फुल हो गए है। अस्पताल के मेडिकल बी वार्ड, चिल्ड्रेन वार्ड, महिला वार्ड व इमरजेंसी के भी बेड फुल होने के कारण अब इलाज की दिक्कतें आने लगी है।जिला अस्पताल के सभी वार्ड व इमरजेंसी के बेड फुल हो गए है। इससे नए मरीजों को भर्ती करने में दिक्कतें आनी शुरू हो गई है। ऐसे में मरीजों की हालत में हल्का सा सुधार होने पर उन्हें डिस्चार्ज कर दिया जा रहा है। शनिवार को विकास नगर निवासी सोनू को बुखार के साथ पेट दर्द हो रहा था। वह ओपीडी में दिखाया। हालत ठीक नहीं थी।चिकित्सक से भर्ती करने की बात कही। लेकिन चिकित्सक ने कहा अभी बेड नहीं है। दवा खाओ कुछ आराम जरूर मिल जाएगा। इसी प्रकार आदर्श नगर निवासी रमेश को सरदर्द, बदन दर्द काफी हो रहा था। इनको भी बेड न मिलने के चलते अस्पताल में भर्ती नहीं हो सकें। इससे रमेश केवल दवा लेकर घर चले गए। ऐसे ही कई मरीजों को दिक्कतें उठानी पड़ी।वायरल फीवर के बढ़ते प्रकोप के चलते ओपीडी में मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। करीब डेढ़ माह पहले ओपीडी में डेढ़ हजार रोजाना मरीज आते थे। अब इनकी संख्या ढाई हजार को पार कर गई है। इतनी अधिक तादाद के चलते अस्पताल प्रशासन को मरीजों को संभालना भी मुश्किल हो रहा है। हर तरफ भीड़ ही भीड़ दिखाई दे रही है।जिला अस्पताल की बिजली व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। शनिवार को अस्पताल की करीब 20 मिनट बिजली गुल रही। दोपहर में 1.30 बजे अचानक पूरे अस्पताल की बत्ती गुल हो गई। इससे भर्ती मरीज व तीमारदार परेशान होने लगे। वह बिजली आने का इंतजार करते रहे। इससे अस्पताल के चिकित्सक व स्टॉफ नर्स ने मोबाइल की टार्च की रोशनी जलाकर कामकाज निपटाया।


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