न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकारी धान की खरीद व बिना एसएमएस की कम्बाईन चलाने से सम्बन्धित सौंपा ज्ञापन


 बांकेगंज खीरी।
गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन अरा. टिकैत ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकारी धान के खरीद की व्यवस्था व ट्रेक्टर के साथ चलने वाले कंबाइन हार्वेस्टर को बिना सुपर एक्स्ट्रा मैनेजमेंट के ही चलाने के लिए एक ज्ञापन जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी को दिया है । किसानों ने अपने दिये ज्ञापन में लिखा है कि कुछ समय बाद धान की फसल कटने लगेगी । पिछले वर्ष किसानों को अपने जिले के क्रय केन्द्रों पर धान बेचने में तमाम मुश्किलों का सामना करना पड़ा था । किसानों को क्रय केंद्र में धान बेचने के लिए जमीन में धान का फसल होना सत्यापित किया जाता है, जिसमें लेखपाल आदि विभाग के कर्मचारी जल्द सत्यापित नहीं करते हैं । कई हफ्तों तक प्रार्थना पत्र पड़े रहते हैं । अतः इसकी और ध्यान देकर सत्यापित करने की सीमा 2 से 4 दिन की निश्चित की जाए। धान की नमी के प्रश्न को लेकर किसानों को अत्यधिक परेशानी होती है । क्रय केंद्र पर कर्मचारी अधिकारी कुछ ना कुछ कमी निकालते रहते हैं । इसलिए धान में नमी की सीमा को बढ़ाया जाए ।

धान की फसल जिले की प्रमुख फसल है अत: धान की मंडी में आवक अत्यधिक होती है ,पर क्रय केंद्रों की संख्या सीमित है । इससे किसानों को कई-कई दिनों तक क्रय केंद्रों पर धान के साथ पड़े रहना पड़ता है । अतः धान क्रय केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए । 
किसानों का पशुओं के हित में कंबाइन से बिना एसएमएस के धान कटाई करवाने का आदेश पारित करने का कष्ट करें । कंबाइन के एसएमएस से धान की पराली नष्ट हो जाती है । पराली नष्ट होने से पशुओं के चारे की दिक्कत उत्पन्न हो जाएगी साथ ही नष्ट हुई धान की फसल इससे खेतों में अगली फसल प्रभावित भी होती है। इसमें से एक देसी जुगाड़ है इससे धान की फसल का भी भारी नुकसान होता है । एसएमएस की वजह से धान की कटाई भी महंगी होती है और जुताई भी छोटे ट्रैक्टरों से नहीं की जा सकती है, जिससे किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना करना पड़ेगा । मंडी समितियों में मरम्मत का कार्य चल रहा है जिसकी गति काफी धीमी है । धान कटाई जल्द शुरू होने वाली है । अगर मंडी समितियों की मरम्मत समय से ना हुई तो किसानों को अत्यधिक परेशानी उठानी पड़ेगी ।

टिप्पणियाँ

Unknown ने कहा…
किसान एकता ज़िंदाबाद

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