मूलभूत सुविधाओं से वंचित है नगर पंचायत बरवर


बरवर खीरी
नगर पंचायत बरवर को कहने को तो नगर पंचायत का दर्जा प्राप्त है। लेकिन नगर पंचायत बरवर का दर्जा प्राप्त होने के उपरांत भी नगर पंचायत जैसी सुविधाएं उपलब्ध ना होने के कारण मूलभूत सुविधाओं से  क्षेत्रवासी वंचित है। कस्बा बरवर मे चाहे शिक्षा की बात की जाए, चाहे स्वास्थ्य व्यवस्था की बात की जाए, चाहे सफाई व्यवस्था की बात की जाए, हर प्रकार से नगर पंचायत बरवर हर मामले में बि

पिछड़ता नजर आ रहा है। लेकिन इसकी किसी भी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि व अधिकारियों के कानों पर जू नहीं रेंग रही है। नगर पंचायत बरवर की आबादी लगभग 50000 होने के उपरांत है फिर भी बरवर में स्वास्थ्य के नाम पर सिर्फ एक स्वास्थ्य केंद्र है। जहां पर मरीजों के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं है। अगर कोई मरीज वहां पर जाता है तो उसे हरी, पीली, नीली गोलियां देकर चलता कर दिया जाता है। अगर कोई गंभीर मरीज होता है तो उसको पसगवां या मोहम्मदी ले जाया जाता है। यही नहीं स्वास्थ्य केंद्र बरवर भीषण गंदगी की चपेट में भी है। अस्पताल के ग्राउंड के अंदर झाड़ियां खड़ी हुई है। जहां तक बात की जाए शिक्षा व्यवस्था की तो सरकारी विद्यालय के नाम पर मात्र कक्षा 8 तक की शिक्षा ग्रहण करने की व्यवस्था है बाकी सब शिक्षा के नाम पर दुकानें खुली हुई है। मनमानी फीस वसूली जाने के कारण गरीब तबके के लोग उन विद्यालयों में दाखिला ना लेकर अशिक्षित रह जाते हैं जिसमें सबसे ज्यादा कठिनाइयों का सामना छात्राओं को करना पड़ता है। बरवर कस्बे के मोहल्ला विजय नगर में कभी एक कन्या पाठशाला हुआ करता था जो आज पूरी तरीके से खंडहर में तब्दील हो कर शराबी और जुआरियों का अड्डा बन चुका है। कस्बे के कुछ संभ्रांत व्यक्तियों का कहना है कि अगर उस पर 2 मंजिला इमारत बनाकर तैयार कर ली जाए तो कन्याओं के लिए बालिका इंटर कॉलेज खोला जा सकता है जिससे बालिकाओं के लिए इंटर तक की शिक्षा प्राप्त करने की व्यवस्था हो सकती है। फिलहाल नगर पंचायत बरवर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों का दंश लगातार झेलती आ रही है जिससे नगर पंचायत बरवर काफी बिछड़ता जा रहा है।

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