आचार्य अनंतराम महाराज ने राजा परीक्षित के जन्म की कथा का किया वर्णन


 बावन 
हरदोई कस्बे मे बाबा आदिनाथ धाम मे प्रारम्भ हुई श्रीमद भागवत कथा मे कथा व्यास आचार्य अनंतराम महाराज के द्वारा कथा सुनाते हुये कथाव्यास ने बताया कि किस प्रकार राजा परीक्षित का जन्म हुआ जब महाभारत युद्ध समाप्त हो रहा था तब अश्वस्वसथामा ने पांडवों के पांचो पुत्रो का सोते हुये बध कर दिया था जिससे द्रोपदी काफी दुखित हुई और प़ाडंवों से बोली जब तक अश्वस्थामा को इस का दंड नहीं मिलेगा तब तक मै कुछ भी ग्रहण नहीं करुगी ये सुनकर अर्जुन तुरंत रथ लेकर अश्वस्थामा के पीछे चल दिये ओर दोनो लोगो के बीच बहुत ही भीशण युद्ध होने लगा तब अश्वस्थामा ने व्रह्म शीर अस्त्र चला दिया जिसके जबाब मे अर्जुन ने भी वही अस्त्र का प्रयोग कर दिया ये ऐसा अस्त्र था जिससे सम्पूर्ण संस्सार का विनाश होना निश्चित था। कथा व्यास ने बीच बीच मे भजनो के द्वारा समस्त श्रोतागणो को आत्मविभोर किया और प्रातः काल की पूजा कथा के मुख्य यजमान राम चंद्र मिश्रने पूजन किया और उसके बाद कथा प्रारंभ होने से पहले कथा व्यास का पूजन और तिलक किया। कथा व्यास ने वंदना प्रारंभ करके सभी भक्त जनो को बहुत ही सरल तरीके से परीक्षित जी के जन्म की कथा श्रवण कराई जिसके मुख्य आयोजक व समस्त ग्राम वासी है। 


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