लेखपाल द्वारा एफआईआर जैसी धमकी भरी नोटिस चस्पा करने पर किसानों में नाराजगी


बांकेगंज खीरी
।सरकार एक ओर किसानों पर दर्ज मुकदमें वापस ले रही है तो वही दूसरी ओर किसानों पर एफआईआर करने जैसी धमकी भरी सूचनायें लेखपाल द्वारा चस्पा की जा रही हैं, जिसको लेकर किसान संगठन ने नाराजगी जाहिर की है । रविवार को बांकेगंज की ग्राम पंचायत ग्रन्ट न.3 में ग्राम प्रधान रजविन्दर कौर व कई किसानों ने जिलाधिकारी के नाम लेखपाल सपना त्रिपाठी को दिये पत्र में लिखा कि "एसएमएस वाली कम्बाईन से गीला खेत होने के कारण कटाई सम्भव नहीं है । धान की कटाई के उपरान्त जो पैरा निकलता है उसे हटाने की व्यवस्था करवाई जाय व धान की कटाई बिना एसएमएस से करवाने की छूट की जाय ।"

 गौरतलब है कि रविवार को लेखपाल सपना त्रिपाठी व उनके पति द्वारा ग्रन्ट न0 3 का निरीक्षण किया गया था, जिसमें लेखपाल द्वारा ग्राम प्रधान के दरवाजे पर नोटिस चस्पा दी गयी, जिसमें साफ तौर पर गन्ने की पत्ती व धान की पराली जलाये जाने पर एफआईआर व पहले से दोगुनी जुर्माना राशि भी अधिरोपित की जायेगी जैसे वाक्यों का समावेश है । वही जब इस सम्बन्ध में जब उप जिलाधिकारी गोला से बात की गयी तो उनके द्वारा बताया गया कि "एफआईआर का कोई प्रावधान नहीं है, लेकिन पराली जलाने पर प्रतिबंध जारी है इसमें कोई दो राय नहीं है।"
  किसानों का कहना है कि धान कटने के बाद जो शेष पराली बचती है वह पशुओं के चारे के काम आ जाती है । कंबाइन के एसएमएस से धान की पराली नष्ट हो जाती है । पराली नष्ट होने से पशुओं के चारे की दिक्कत उत्पन्न हो जाएगी साथ ही नष्ट हुई धान की फसल इससे खेतों में अगली फसल प्रभावित भी होती है। इसमें से एक देसी जुगाड़ है इससे धान की फसल का भी भारी नुकसान होता है । एसएमएस की वजह से धान की कटाई भी महंगी होती है और जुताई भी छोटे ट्रैक्टरों से नहीं की जा सकती है, जिससे किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना करना पड़ेगा । सारे नियम और कानून सिर्फ किसानों के लिए ही हैं ऊपर से राजस्व के अधिकारी आकर किसानों पर दबाव बनाना चाहते हैं जिनको स्वयं पूरे नियमों और कानून की जानकारी नहीं है । इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन के जिला उपाध्यक्ष बलकार सिंह बब्बू , सुखवीर सिंह, महल सिंह, जुगराज सिंह, मेवालाल, अयाज खान, निजामुद्दीन समेत कई किसान मौजूद रहे।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Sitapur Breaking News :पत्नी से़ छुब्ध होकर युवक ने लगाई फांसी।

उत्तर प्रदेश में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट की अनिवार्यता पर रोक

यूपी में बैंक के समय में हुआ बड़ा बदलाव