सीएमएस करते रहे ऑपरेशन छिन्न-भिन्न हो गई अस्पताल की जरूरी व्यवस्थाएं



 सीतापुर।
जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं पटरी से उतरने के कारण बेहाल अवस्था में मरीज इधर से उधर घूम रहे हैं वहीं अस्पताल में गंदगी का तो ठिकाना ही नहीं रहा। उपचार के लिए आए मरीजों को गंदगी का सामना करना पड़ रहा है। आपको बता दें कि जिला अस्पताल में स्थिति इतनी दयनीय अवस्था में पहुंच गई है कि मरीजों की लंबी-लंबी कतारें लगी हैं और मरीज इलाज के लिए अस्पताल में भटक रहे हैं इसके बावजूद मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर एके अग्रवाल का पूरा ध्यान ऑपरेशन थिएटर में ऑपरेशन करने में व्यस्त है जिससे अस्पताल में अन्य व्यवस्थाएं पूरी तरीके से जमींदोज हो चुकी हैं और जमींदोज हो चुकी व्यवस्थाओं को ठीक करने में सीएमएस पूरी तरह से असमर्थ दिखाई देते है। जहां एक ओर मोदी का स्वच्छता मिशन है और कोरोना के बाद अब डेंगू के फैलने की खबरें भी सामने आ रही हैं वही अस्पताल में नालियां भरे होने के कारण गंदा पानी एकत्र हो रहा है और मरीज उसी गंदे पानी के बीच से गुजरने के लिए विवश हैं यही कारण है कि उपचार के लिए आए मरीजों व तीमारदारों को संक्रमण का खतरा बढ़ा हुआ है । अस्पताल में यह लापरवाही कहां तक ठीक है ? साथ ही आपको बता दें कि सीएमएस करीब सुबह 9ः00 बजे से ऑपरेशन थिएटर में ऑपरेशन करने के लिए चले जाते हैं और 2ः00 बजे तक ऑपरेशन थिएटर में ही ऑपरेशन करते हैं। यही कारण है कि सीएमएस  जिला अस्पताल की अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। एक ओर जहां देश कोरोना महामारी के संकट से जूझ रहा है वहीं अस्पताल में कहीं भी 2 गज की दूरी के नियम का पालन होता नजर नहीं आ रहा है । बदहाल हो चुकी स्वास्थ्य सेवाएं व अस्पताल की सफाई व्यवस्था की गवाही तस्वीरें दे रही हैं फिर भी सीएमएस इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक चैंकाने वाली बात तो यह है कि सीएमएस को ऑपरेशन में इतनी रुचि का कारण उनका निजी स्वार्थ है । सूत्रों का यह तक दावा है किसी एमएस के द्वारा किए जाने वाले ऑपरेशन में कुछ सुविधा शुल्क भी लिया जाता है और यही कारण है किसी सी एम एस का पूरा ध्यान ऑपरेशन थिएटर की ओर केंद्रित है ना कि जमींदोज हो चुकी अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं व सफाई व्यवस्था आदि को ठीक करने में है।


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