सरकार की प्राथमिकता वाली योजना में पलीता लगा रहे कोटेदार


कोटेदार अब करने लगे बड़े पैमाने पर घटतौली
कोर्डधारको के विरोध करने पर कोटेदार करते है अभद्रता
सेउता-सीतापुर। जहां एक तरफ सरकार वितरण प्रणाली को भष्टाचार मुक्त करने के लिए नित नये कानून बना रही है और हर गरीब तक सरकार द्वारा भेजा गया पूरा राशन मिले लेकिन वही कुछ दबंक कोटेदार जिम्मेदारो की खाऊ कमाऊ नीति के चलते  आज भी सरकार की इस योजना में जम कर घट तौली कर रहे है । जो भी इनके खिलाफ बोलता है उसे अपनी दबंगई के बलबूते तथा सफेद खादी के  बल पर सत्ताई नशे मे चूर किसी से गाली गलौज करते है तथा  घटतौली की आवाज उठाने वालो को धमकी दे रहे है । ताजा उदाहरण जिले के विकास खण्ड रेउसा  क्षेत्र ग्राम पंचायत सेउता मे देखने को मिल रहा है ।ग्राम पंचायत सेउता मे सरकारी सस्ते गल्ले की तीन दुकाने वर्तमान मे संचालित है।ग्राम पंचायत सेउता के क्षेत्र पंचायत सदस्य उपेंद्र कुमार पुत्र हरीराम ने उच्च अधिकारियो को सिकायती प्रार्थना पत्र मे बताया है कि गांव के मिश्रीलाल कोटेदार कार्डधारको को हर महीने दो से पांच किलो राशन कम वितरण कर रहा है और पैसे पूरे राशन का ले रहा है कार्डधारको ने इसकी सिकायत क्षेत्र पंचायत सदस्य उपेंद्र कुमार से की तो उपेंद्र कुमार ने मिश्रीलाल कोटेदार से सिकायत की कि जब सरकार पूरा राशन दे रही है तो फिर आप कम क्यो दे रहे हो इस पर मिश्रीलाल कोटेदार आग बबूला हो गया उपस्थित समाज के सामने मुझे गंदी गंदी गालिया देने लगा मेरे मना करने पर कहा कि तुम्हारे जैसे बीडीसी को मै लात घूसो से मारता हूं ज्यादा बोलोगे तो तुम्हे जान से मरवा दूंगा जान से मारने की धमकी दी और दुकान से भगा दिया मै किसी तरह जान बचा कर भाग आया यही नही घटतौली की सिकायत जो भी करता है उसकी बे वजह बेइज्जती कर के भगा देता है और अपने को सत्ताधारी सांसद का आदमी बता कर गरीब कार्डधारको पर रौब झाड़ता रहता है कहता है मेरा कोई कुछ नही बिगाड़ सकता जब तक सांसद है जो ज्यादा बोलेगा उस हरिजनएक्ट लगवा कर फंसा दूंगा   इसकी दबंगई के कारण सभी कार्डधारक परेशान है । सन् 2007 के पहले सेउता मे सरकारी सस्ते गल्ले की दो ही दुकाने थी जो उसी समय बशीर अहमद के जो दुकान थी वो निरस्त हो चुकी थी आबादी अधिक होने तथा एक दुकान पर अधिक भीड होने के कारण उस समय बसपा सरकार थी सांसद राजेश वर्मा थे   मिश्रीलाल गौतम बसपा के मंचो पर कविता गाया करता था उसकी इसी पहचान की बदौलत तथा अधिक दलित आबादी होने के कारण तीसरी दुकान 27  दिसम्बर  2007  को मिश्रीलाल गौतम के नाम करवा दी ।सांसद के करीबी होने कारण अधिकारी भी नही हाथ डालते थे और इसकी दबंगई कायम रही 2012में  सत्ता परिवर्तन हुआ और प्रदेश मे सपा सरकार बनी कार्डधारको की सिकायत पर इसकी दुकान सस्पेंट हो गई उसके बाद फिर एक बार मिट्टी के तेल न वितरण करने पर दूसरी बार दुकान निलम्बित  हो गई । तीसरी बार 2017 में जब भाजपा सरकार बनी तो कार्डधारको से दुर्व्यवहार तथा राशन न देने के आरोप मे दुकान निलंबित  हुई। यही नही इसने वर्तमान भाजपा बिधायक ज्ञान तिवारी को भी खरीदने की कोशिश की अपनी दुकान बहाल कराने के लिए बिधायक श्री तिवारी के पास मीठे के डिब्बे मे ग्यारह हजार रुपए रख कर ले गया इस बात की जानकारी जब ईमानदार छबि रखने वाले ज्ञान तिवारी को मालूम पड़ी तो उन्होंने इसका दिया हुआ रुपयों सहित मीठा वापस कर दिया और अपने दरवाजे से भगा दिया कहा मुझे खरीदने की कोशिश मत करना मै जनता की भावनाओ को दरकिनार नही कर सकता जनता की सिकायत पर कोटा सस्पेंट हुआ है । इसकी इसी दबंगई के कारण कार्डधारको की सिकायत पर आरोप सही पाये जाने से  तीन बार मिश्रीलाल की दुकान सस्पेंट हो चुकी है कई बार इसकी सिक्योरिटी भी जब्त हो चुकी है क्षेत्र पंचायत सदस्य उपेंद्र कुमार ने अधिकारियो से आवश्यक कार्यवाही करने तथा इसकी दुकान निरस्त करने की मांग की है । उपेंद्र का यह भी कहना है कि इसकी संपत्ति की जांच होनी चाहिए जो व्यक्ति 2007 के पहले बसपा की मंचो पर कविताएं गाया करता था दूसरे के खेतो मे मेहनत मजदूरी करके अपना गुजारा करता था वो इतनी जल्दी चल अचल संपत्ति तथा  दो मंजिला भव्य  इमारत करोड़ो रुपये की संपति कैसे अर्जित कर ली जून मे मिश्रीलाल कोटेदार  अपनी लड़की की शादी करता है शादी  सवा दो लाख रुपए की बुलेट मोटरसाइकिल सहित लाखो का दहेज देता है  2021 मे होने वाले पंचायत चुनाव मे प्रधानी भी अपनी बहू को लड़ाता है जिसमे लाखो रूपये खर्च करता है आखिर कैसे कहां से आता है इतना पैसा जबकि सेउता के दो अन्य कोटेदार भी है जिनके पास लगभग तीस वर्षो से कोटा चला आ रहा है लेकिन उनके पास भी अब तक इतनी सम्पति नही बन पाई है । आखिर वो कौन सी तकनीकी है जिससे इतनी जल्दी अकूत धन अर्जित कर लिया।

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