गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित होने से पहले गाय का संरक्षण जरूरी

 


बांकेगंज/लखीमपुर खीरी ,
देश व प्रदेश में गौवंशो की आज जो दयनीय  स्थिति है वह किसी से छिपी नहीं । सड़को पर आज अनेकों ऐसे घायल गौवंश घूम रहे हैं जिनका उपचार करने वाला भी कोई नहीं । घायल हुए गौवंश या तो किसी दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं या फिर अपने भोजन के लिए संघर्ष करते हुए घायल होते हैं । हाईवे मार्ग हो , गांव से गांव जोड़ने वाली सड़क हो , नगरीय सड़क हो या फिर गली हर जगह कहीं न कहीं खुले पशु मिल ही जायेंगे जिससे कि चौपहिया व दोपहिया वाहनों से भी पशु घायल हो रहे हैं और कभी-कभार व्यक्ति को भी अपनी जान गवानी पड़ रही है । भोजन के लिए संघर्ष करना जैसे कि खेतों में लहलहाती फसल को खाने हेतु पशु खेतों में घुसने का प्रयास करता है जिससे खेतों में फसलों की सुरक्षा हेतु लगाये जाने वाले धारदार तार द्वारा पशु घायल हो रहा है । किसान रात-रात जागकर अपनी फसलों की  सुरक्षा कर रहा है तो कहीं आवारा पशु द्वारा  किसान को मार देने जैसी  घटनायें भी सामने आ रही हैं ।

          जिम्मेदारों द्वारा दावा किया जाता है कि क्षेत्र में गौशालाओं का निर्माण कराया गया है लेकिन, गौशालाओ की हकीकत कुछ और बयां करती है। गौवंशो को तो पकड़कर गौशाला में पहुँचा दिया जाता है किन्तु उनके लिए चारे-पानी की व्यवस्था है या नहीं कोई देखने वाला नहीं , पशुओं की छाया के लिए डाली जाने वाली टीनशेड भी कब हवा में उड़ जाती है यह भी जिम्मेदारों को नहीं पता चल पाता । कई स्थानों से ऐसी खबरें भी आयी हैं कि गौशालाओ में चारा, पानी के अभाव में गौवंश तड़पते हुए पाये गये व कहीं-कहीं अधमरे गौवंश को कुत्तों द्वारा खींचते देखा गया । इस प्रकार की कई तस्वीरे आये दिन हमारे सामने आती रहती हैं । 

         हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा टिप्पणी की गयी कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने का विचार सरकार को करना चाहिए इस पर लोगों ने सरकार के इस प्रकार के बिल को लाने से पहले गौवंशो के  संरक्षण की उचित व्यवस्था करने का भी विचार साझा किया है।

▪️गाय के संरक्षण हेतु गाय पालने वाले व्यक्ति को योगी सरकार 900  रूपये दे रही है , जिसके नाम पर बहुत से लोगों ने गौआश्रय स्थलों का रजिस्ट्रेशन करा लिया और फर्जी तरीके से उसमें गायों की संख्या दिखाकर सरकार से पैसा ले रहे हैं । सरकार को तो सीधे तौर पर गौ-पालकों के खाते में पैसा भेजना चाहिए और गाय पालने वाले को सख्त निर्देश दिये जाये कि वह गाय को छोड़ने पर किसी प्रकार का किसी का कोई नुकसान होता है तो  सारी जिम्मेदारी गाय पालने वाले की ही होगी । 


एड.विनय तिवारी 

प्रदेश संयोजक , हिसपा ।

▪️कान्हा पशु आश्रय योजना में गौशालाओ के नाम पर सरकार करोड़ों-अरबों रूपये फूक चुकी है और फिर भी गौवंशो की गौशालाओ मे स्थिति दयनीय हैं। गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाय इसमें कोई बुराई नहीं है लेकिन,  इस सरकार में जो गौशालायें भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी हैं उनकी जांच करके उनके लिए अलग दण्ड का विधान बनाये । योगी सरकार की 1076 व्यवस्था तो पूरी तरह फेल है जिसमें फर्जी रिपोर्ट लगायी जाती हैं ।  


एड.सन्तोष त्रिपाठी 

गोला गोकरननाथ खीरी

▪️गौवंश का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता में होना चाहिए। गाय को राष्ट्रीय पशु करना तो ठीक है । आज सड़को पर गाय मर रही हैं , घायल हो रही हैं यहां तक इन गौवंशो की वजह से एक्सीडेंट भी बढ़ गये हैं । ऐसे में इनका संरक्षण न हुआ और राष्ट्रीय पशु घोषित होने के बाद तो बेगुनाह व्यक्ति पर भी फर्जी मुकदमें दर्ज  होंगे । इसलिए सबसे पहले इनके संरक्षण हेतु गौशालाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार को रोके और गौशालाओं की दुर्दशा अथवा जिम्मेदारी हेतु एक ऐप तैयार करे जिस पर ब्यौरा आनलाईन होना चाहिए। 



शाहनवाज अहमद 

बांकेगंज।

▪️ मैं कई वर्षों से घायल गौवंशो का उपचार कर रहा हूं और इस कार्य हेतु  पूरे जिले में भ्रमण भी करता रहता हूं । गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किये जाने के लिए  मेरा पूर्ण समर्थन है किन्तु सरकार को इनके संरक्षण के लिए भी व्यवस्था करनी होगी । सबसे पहले ऐसे लोगों पर कार्यवाही करनी होगी जिन्होने चरागाह की जमीनों पर कब्जा कर रखा है ताकि उस भूमि पर गौवंश के लिए चारे की व्यवस्था की जाय और गौवंश के संरक्षण हेतु कानून भी बनाया जाय।


रिंकू पाण्डेय 
गौरक्षक,  लखीमपुर खीरी

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Sitapur Breaking News :पत्नी से़ छुब्ध होकर युवक ने लगाई फांसी।

उत्तर प्रदेश में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट की अनिवार्यता पर रोक

यूपी में बैंक के समय में हुआ बड़ा बदलाव