ठगी: रजिस्ट्री से अंगूठे का क्लोन बनाकर बैंक खातों से निकालते थे रुपये


 
लखनऊ में विभूतिखंड पुलिस ने अंगूठे के बायोमैट्रिक क्लोन तैयार कर ठगी करने वाले तीन शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। यह लोग गवर्नमेंट वेबसाइट से रजिस्ट्री का डेटा और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर लोगों के अंगूठे के बायोमेट्रिक अंगूठे का प्रिंट ले लेते थे। जिसका क्लोन बनाकर लोगों के खातों से पैसा अपने वायलेट में ट्रांसफर कर लेते थे। इनके पास से नकदी, लैपटॉप और रबर के अंगूठे बरामद हुए हैं। डीसीपी पूर्वी संजीव सुमन ने गुडवर्क करने वाली टीम को दस हजार इनाम देने की घोषणा की।

विभूतिखंड इंस्पेक्टर चंद्रशेखर सिंह पुलिस टीम ने गोरखपुर बांसगांव निवासी राजेश राय, राहुल कुमार और रामसरन गौड को बुधवार दोपहर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। यह लोग सरकारी वेबसाइट (आईजीआरएस) से जमीन की रजिस्ट्री व आधार कार्ड का डेटा चुरा लेते थे। उसके बाद रबर स्टैंप पर रजिस्ट्री या आधार कार्ड से मिले अंगूठे के बायोमैट्रिक क्लोन तैयार कर लेते थे। इसके बाद आधार व रजिस्ट्री धारक का खाता पता कर उसके खाते का पैसे अपने वायलेट में ट्रांसफर कर लेते थे। जिसे ग्राहक सेवा केन्‍द्र के माध्यम से साथियों से भुगतान करा लेते थे।
बायोमेट्रिक मशीन के जरिए कर रहे थे खेल
पुलिस पूछताछ में आरोपी राजेश राय ने बताया कि वह लोगों शुरू में ग्रामीण क्षेत्र में विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के बहाने एलेक्टोनिक थम्बनेल मशीन पर फिंगरप्रिंट ले लेते थे। इसके बाद फिंगरप्रिंट को सिलिकॉन व रबर स्टैंप के माध्यम से क्लोन तैयार करते थे। फिर सरकारी वेबसाइट से चुराए डाटा के आधार पर लोगों के खाते से बायोमेट्रिक मशीन से पैसा ट्रांसफर करते थे। जिसमें फिंगरप्रिंट की जरूरत पड़ने पर इन क्लोन का इस्तेमाल करते थे।
पुलिस ठगी के शिकार लोगों का लगा रही पता
पुलिस ठगी के शिकार लोगों का पता लगा रही है। इन लोगों ने दस-दस हजार रुपये करके हजारों लोगों के करोड़ों रुपये खाते से निकाल लिए। साइबर टीम के मुताबिक पुलिस टीम इनके वायलेट (जिसके माध्यम से पैसा इधर-उधर किया) से जुड़े खातों का पता लगा रही है। जिससे पीड़ित व सहयोगियों तक पहुंचा जा सकेगा।
गवर्नमेंट की वेबसाइट से लिया डेटा
अभि‍युक्तों ने गवर्नमेंट की वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्री का डेटा चुरा लिया। इस डेटा के आधार पर अंगूठे के क्लोन के साथ ही फर्जी कागजों पर मोबाइल नंबर हासिल करने के बाद आधार नंबर और यहां तक की क्यूआर कोड को भी चेंज कर लेते थे।
एक बार में निकालते थे दस हजार
जिसके खाते से ठगी करते थे, उसे कोई शक न हो जाए इसके लिए थोड़ा-थोड़ा पैसा खाते से निकालते थे। एक बार और एक दिन में खाते से सिर्फ 10 हजार रुपये ही निकालते थे। ऐसा करके कई दिनों में ही पूरा खाता साफ कर दे‍ते थे।
पुलिस ने यह किया बरामद
पुलिस ने इनके पास से 2.98 लाख नकद, 100 क्लोन थम्स बायोमेट्रिक, दो लैपटॉप, सात मोबाइल फोन, दो थम्स स्कैनर, चार आधार कार्ड, तीन वोटर आईडी, नेपाल सरकार का आईडी कार्ड, एक कार।

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