स्टांप वेंडर्स की कालाबाजारी से मिलेगी मुक्ति

 


हरदोई।
अपर जिलाधिकारी व उपजिलाधिकारी की उदासीनता के चलते कचहरी, तहसील में मनमाने दाम वसूलकर स्टांप विक्रेता स्टांप की जो कालाबाजारी कर रहे थे उस स्टांप की कालाबाजारी से राज्य सरकार ने मुक्ति दिलाने के लिए तैयारी कर दी है। दस रुपये से लेकर 500 रुपये तक का स्टांप अब आप खुद डाउनलोड कर पिं्रट सकेंगे। स्टांप एवं निबंधन विभाग ने सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया है। अक्टूबर 21 से यह नई व्यवस्था लागू हो सकती है। जिसकी मदद से कोई भी व्यक्ति शपथपत्र, एग्रीमेंट, विवाह पंजीकरण व अन्य कार्यों के लिए 10, 20, 50, 100 और 500 रुपये राशि का स्टांप स्वयं छाप कर पिं्रटर से निकाल सकेगा। जनवरी 2021 से ई-स्टांपिंग व्यवस्था लागू होने के बाद भौतिक स्टांप की छपाई बंद हो गई है। ऐसे में दस, बीस, पचास और 100 रुपये के स्टांप पर कालाबाजारी हो रही है। स्टांप डेढ़ दो गुना तक अधिक कीमत पर बिक रहे हैं। बैंक में स्टांप राशि का चालान जमा करने के लिए लाइन में लगना पड़ता है। फिर कोषागार के चक्कर काटने पड़ते हैं। जिसके बाद उन्हें दूसरे या तीसरे दिन स्टांप मिलता है। 

-ऑनलाइन होगा भुगतान

खुद स्टांप पिं्रट करने के लिए खरीददार को ऑनलाइन भुगतान करना पड़ेगा। डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग और डिजिटल भुगतान ही मान्य होगा। खरीददार को बैंक या कोषागार जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। 10 रुपये से 500 रुपये कीमत का स्टांप अब पक्षकार स्वयं पिं्रट कर सकेगा। स्टांप राशि का भुगतान ऑनालाइन कर सकते हैं।


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