जिम्मेदारों की मिलीभगत से मनरेगा योजना में किया जा रहा बड़ा खेल


 बिना टेंडर प्रक्रिया के हो जाते हैं लाखों के कार्य, जिम्मेदार बेखबर 

शाहाबाद। ब्लाक में केंद्र सरकार की रोजगार परक मनरेगा योजना में बच्चों की भांति खिलवाड़ किया जा रहा है। जैसे कई बच्चे आपस में खेल रहे हो। जिले में शायद शाहाबाद ही ऐसी इकलौती ब्लॉक है जहां मनरेगा गाइडलाइन का कोई पालन नही होता। ग्राम पंचायत से ब्लॉक स्तर तक के अधिकारियों की सांठगांठ कर विकास कार्यों में मानकों को गर्त में पहुंचा दिया जाता है। ब्लाक की ग्राम पंचायत मिठनापुर में 6 आरसीसी सड़कों का कार्य पूर्व में प्रस्तावित था जिसकी आईडी मनरेगा योजना के अंतर्गत जेनरेट करवाकर तथा बिना टेंडर ही कार्य को प्रस्तावित कर ग्राम पंचायत में धनराशि का आवंटन हो गया। कार्य पूर्व धनराशि का आवंटन किया जाना ब्लाक प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर रहा है। जब संवाददाता द्वारा पड़ताल की गई तो पता चला की तकनीकी सहायक के द्वारा अनुमानित लागत का एस्टीमेट तैयार कर बीडीओ के पोर्टल से स्वीकृत होने के बाद ही सम्बन्धित कार्यों को करवाया जाना चाहिए परंतु ग्राम पंचायत मिठिनापुर सहित अन्य कई ग्राम पंचायतों में इसके उलट ही देखने को मिला। जबकि  मनरेगा गाइड लाइन के अनुसार कार्य पूर्ण होने के पर एमबी कराने के बाद ही भुगतान किया जाता है लेकिन ब्लाक की लगभग सभी ग्राम पंचायतों में पहले भुगतान उसके बाद कार्य होता है जो नियमों के विपरीत है। जब इस विषय पर मिठिनापुर के ग्राम प्रधान अभय प्रताप सिंह से बात हुई तो उनके द्वारा बताया गया की इतना पैसा किसके पास है कि वो अपने पास से पैसा लगाये और कार्य करवाए। प्रधान द्वारा बताया गया कि जब तक ब्लॉक के अधिकारियों को उनका कमीशन नही जाता है तब तक उनके द्वारा एस्टीमेट ही नही बनाया जाता है इसलिए पहले सभी का कमीशन समय पर पहुंचने के बाद भुगतान होता है और उसके बाद कार्य करवाया जाता है। कार्य की गुणवत्ता पर बात करनी चाही तो उन्होंने कैमरा बन्द करने को कहा।बहीं गांव में बन रहे सीसी रोड में घटिया सीमेंट का प्रयोग करते हुए बिना रोड़ी डाले ही सीसी रोड बन रहे है। जिससे यही लगता है कि प्रधान,सचिव व ब्लॉक के अन्य जिम्मेदार खुलेआम सरकारी धन का दुरुपयोग करते हुए अपनी जेबें भर रहे है। ये तो सोचनीय है कि जब कार्य होने के बाद भुगतान होता था तब तो कार्य में गुणवत्ता नही होती थी तो अब मीजरनमेंट बुक पर सभी मीजर फर्जी चढ़ा देने के बाद,फाइल को फीड करवाने के बाद क्या कार्य में कोई गुणवत्ता होगी?


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