किसानों द्वारा सरकार की कृषि कानून के खिलाफ किया गया धरना प्रदर्शन, जगह-जगह दिए गए ज्ञापन

 


लखीमपुर खीरी,
भारतीय किसान यूनियन (अरा. टिकैत) उत्तर प्रदेश की तरफ से भारत बंद आंदोलन के तहत लखीमपुर भीरा पलिया मार्ग पर बस्तौला चौराहे पर सरदार दिलबाग सिंह संधू मंडल उपाध्यक्ष लखनऊ की अध्यक्षता में किसानों ने धरना प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री भारत सरकार को उप जिलाधिकारी गोला के माध्यम से ज्ञापन दिया है | जिसमें किसानों द्वारा निम्न मांगे रखी गई है | केंद्र की मौजूदा सरकार के द्वारा पारित तीनों के कानूनों को तत्काल रद्द किया जाए लगातार बढ़ रहे डीजल पेट्रोल के दाम कम किए जाएं | बहुत अधिक बढ़ रही महंगाई को तुरंत कम किया जाए | जिससे दुकानदार, मजदूर, किसान सहित आम आदमी सकून की सांस ले सके | अन्यथा इस महंगाई मे हर कोई मर जाएगा बेसहारा गौवंशीय पशुओं से निजात दिलाई जाए | तथा बेसहारा गोवंश पशुओं से जिन किसानों की फसलें उजड़ी हैं उन्हें मुआवजा दिलाया जाए | सड़कों पर बेसहारा गोवंश पशुओं से हुई दुर्घटना में मरने वाले लोगों के परिवारी जनों को मुआवजा व एक सदस्य को नौकरी दी जाए | जनपद खीरी उत्तर प्रदेश में लगे तीन बजाज ग्रुप के चीनी मिलों से गन्ना का बकाया भुगतान तुरंत करवाया जाए | धान खरीद एमएसपी मूल्य पर ही हर जगह कराई जाने की तुरंत व्यवस्था कराई जाए | तथा उल्लंघन करने वालों पर तुरंत कठोर कार्रवाई की जाए | बढ़ी हुई बिजली की दरें वापस ली जाएं | तथा विद्युत आपूर्ति व्यवस्था सुचार रूप वाली सुनिश्चित की जाए | खेती में बढ़ी हुई लागत आज के दृष्टिगत गन्ना का मूल्य कम से कम ₹450 प्रति क्विंटल घोषित किया जाए | इन सब मांगों को लेकर सैकड़ों की तादाद में किसानों ने बस्तौला चौराहे पर धरना प्रदर्शन करते हुए करीब आधा घंटा तक राजमार्ग जाम कर दिया | जिससे इधर उधर वाहनों की कतारें लग गई मगर उप जिला अधिकारी व पुलिस क्षेत्राधिकारी गोला के आश्वासन के बाद जाम खोल दिया गया। भारी संख्या में मौजूद पुलिस बल रहा।


निघासन में भी भारत बंद का आंशिक असर देखने को मिला। 

संयुक्त किसान मोर्चा के आवाह्न पर भारत बंद का आशिंक असर देखने को कस्बे में मिला। तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ निघासन क्षेत्र के किसान एक जगह एकत्रित होकर धरना प्रर्दशन व सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध जताया।भारत बंद को सफल बनाने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा ,व्यापारियों व अधिवक्ता संघ ने जनता से किसानों के साथ हो रहे अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने की बात कही।भारत बंद के आवाह्न पर पुलिस व्यवस्था चाक-चौबंद रही। निघासन किसान यूनियन व सैकड़ो किसानों ने मिलकर एसडीएम ओमप्रकाश गुप्ता को ज्ञापन सौंपा।जिसमें कृषि कानूनों को वापस लेने की बात कही। बंदी को लेकर संयुक्त मोर्चा सहित तमाम विपक्षी दलों के नेताओं ने भी किसानों का समर्थन किया। वहीं दूसरी तरफ निघासन बाजार बंद में व्यापारियों का आंशिक योगदान देखने को मिला।किसानों ने बताया कि मौजूदा सरकार को किसानों की बात माननी चाहिए, क्योंकि किसान ही इस देश का अन्नदाता है। और किसानों को सरकार द्वारा लागू किए गए तीनों कानूनों की जरूरत नहीं है।

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