करोड़ों खर्च करने के बाद भी गोशाला में सूखे भूसे के सहारे गोवंश

 


अधिकांश गौशाला में बिजली व्यवस्था शून्य, सभी उपकरण भी गायब

शाहाबाद। मुख्यमंत्री का गाय प्रेम और गोवंशीय पशुओं को बचाने की मुहिम को आम जनता भी जानती है। मगर, अफसर इन सबको धता-बताकर पूरे सिस्टम को पलीता लगाने में लगे हैं। शाहाबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत शाहाबाद देहात के शफीपुर में बनी बनाई गोशाला में गायों की देखभाल के नाम पर करोड़ों का बजट खर्च हो गया मगर, गोशाला की गायें फिर भी जीवित नहीं बच पा रही हैं। गोशाला में गायें भूख और बीमारी से लगातार मर रही हैं। उनके शव कई दिनों से गोशाला के अंदर और बाहर कीचड़ में पड़े होकर सड़ रहे हैं। मगर, जैसे ही जिम्मेदारों को गोशाला किसी अधिकारी के आने का अंदेशा होता है कि गोशाला में मृत गायों की बिखरी हड्डियों को गड्डा खोदकर दफन करके मिट्टी से बराबर कर दिया जाता है। भूख प्यास से भरी गायों के कान का टैग निकालकर दूसरी गायों के लगाकर गायों की संख्या पूरी दिखा दी जाती है। गोशाला में सैंकड़ों गाय भूख प्यास से मर चुकी हैं उनकी दफन हड्डियां इसकी गवाह हैं लेकिन कागजों पर कुछ और ही खेल चल रहा है। गोशाला की जिम्मेदारी संभालने का दावा करने वाले ब्लॉक शाहाबाद की ग्राम पंचायत सचिव नितांत रस्तोगी व प्रधान प्रतिनिधि आरिफ अली खां को इसकी पूरी जानकारी है। इतना ही नहीं, शफीपुर में गोशाला में जो गायें जिंदा भी बची हैं, गोशाला के केयरटेकर गेट खोलकर बाहर भगा देते हैं जिससे बाहर किसानों के खेत बर्बाद हो रहे हैं किसानों की कई बार शिकायत के बाबजूद सचिव नितांत रस्तोगी के कान पर जूं तक नही रेंगती। इससे गोशाला की बदहाल व्यवस्था का अंदाजा लगाया जा सकता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार गायों को हरे चारे के लिए गोशाला में चारा मशीन व जनरेटर सरकारी धन से खरीद कर आया लेकिन एक साल से चारा मशीन व जनरेटर का कोई पता नही। जब भी कोई अधिकारी या पत्रकार इस पर बात करता है तो सिर्फ एक ही बहाना कि चारा मशीन खराब हो गई है,बनने गई है। गौशाला में गायों की हरे चारे व दाने के नाम पर हर महीने हजारों का घोटाला प्रधान व सचिव द्वारा मिलकर किया जाता है। 1 ग्राम सभा की बांगी के तौर पर प्रस्तुत की गई है विकासखंड शाहबाद की करीब-करीब सभी गौसालो का यही बुरा हाल है। 


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Sitapur Breaking News :पत्नी से़ छुब्ध होकर युवक ने लगाई फांसी।

यूपी में बैंक के समय में हुआ बड़ा बदलाव

उत्तर प्रदेश में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट की अनिवार्यता पर रोक