गांव में लाभार्थी का नामोनिशान नही और दे दिया आवास

 


शाहाबाद। नगला खानपुर ग्राम पंचायत में आवासों में की गई हेरा फेरी का सच सामने आते ही जिम्मेदार किनारा करने और लीपापोती में जुट गए है। इनके पास कोई जवाब नहीं रह गया। ग्राम पंचायत में जिन लोगों के नाम पैसा निकाला गया वह गांव में रहते ही नही है। ग्राम पंचायत में पूर्व में बनाये गये आवासों में बहुत बड़ा घोटाला सामने आया है आवासों में हुये हेरफेर के मामले सामने आते ही जिम्मेदारों ने किनारा कर लिया जबकि सच्चाई ये है कि गांव के उक्त दोनों लोंगो को आवास दिया गया था वह गांव में न तो मतदाता सूची में दर्ज है और न ही उनका नाम परिवार रजिस्टर दर्ज है। ऐसी स्थिति में इन्हें आवास कैसे आवंटित  हो गया यह बड़ी बात खुलकर सामने आई है।इस बाबत बीडियो प्रवेंद्र पांडे ने भी बात करने से मना कर दिया और जांच कराने की बात कहकर  मामले को टाल गए।इस अहम मुद्दे पर सवाल उठता है कि ग्राम पंचायत अधिकारी ग्राम प्रधान ने ऐसे लोगों को आवास किस आधार पर दे दिया जो गांवमें ही नही रहते हैं। उक्त लोगों के आवास पर प्रस्ताव ब्लॉक स्तर पर आया तो बीडीओ प्रस्ताव पारित कर आवास की राशि भी आवंटित करा दी। गौरतलब हो कि ग्राम पंचायत के वर्तमान प्रधान प्रतिनिधि अजय प्रताप सिंह ने उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए पूर्व प्रधान पर भ्रष्टाचार के तमाम आरोप लगाते हुए कई बार प्रार्थना पत्र भी दिए परंतु जिम्मेदारों के फंसने के कारण जांच भी नहीं की जा सकी और शिकायती पत्रों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।


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