गोरखधंधा शब्द पर लगा प्रतिबंध,खट्टर बोले- संत थे गोरखनाथ, अपमानजनक है यह शब्द

 


हरियाणा सरकार ने अब 'गोरखधंधा' शब्द के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। यहां सबसे पहले आपको बता दें कि इस शब्द का इस्तेमाल गलत कार्यों की व्याख्या के लिए किया जाता है। इस संबंध में दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक गोरखनाथ संप्रदाय से जुड़े एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की थी। इस प्रतिनिधिमंडल ने खट्टर से आग्रह किया था कि वो 'गोरखधंधा' शब्द के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दें क्योंकि यह संत गोरखनाथ के फॉलोअर्स की भावनाओं को आहत करता है। उन्होंने कहा कि इस शब्द के नकारात्मक अर्थ निकालने से संत गोरखनाथ के अनुयायियों की भावनाओं को ठेस पहुंची है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखनाथ एक संत थे। इस शब्द को किसी भी आधिकारिक भाषा के तौर पर इस्तेमाल करने या संबोधन में इस्तेमाल से संत गोरखनाथ के शिष्यों की भावनाएं आहत होती हैं। इसलिए किसी भी तौर पर इस शब्द के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया जाता है। बता दें कि गोरखनाथ एक संत थे और उनके नाम पर एक मंदिर सोनीपथ से करीब 20 किलोमीटर दूर गोर्ड गांव में बना हुआ है। 

आपको बता दें कि इस शब्द को प्रतिबंधित करने की मांग राजस्थान में भी उठी थी। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में भी इस शब्द को बैन करने की मांग उठी है। नाथ संप्रदाय के अनुयायियों ने यूपी के सीएम से मांग की थी कि इस भ्द पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में शीघ्र उचित कदम उठाया जाना चाहिए। इसी साल जुलाई के महीने में राजस्थान के अजमेर में नाथ समाज ने जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन के दौरान गोरखधंधा शब्द पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठी थी। उस वक्त प्रदर्शन के दौरान नाथ समाज के सदस्यों ने कहा था कि गोरखधंधा शब्द का प्रयोग हो रहा है, खासकर प्रिंट मीडिया और अन्य मीडिया में तथा सरकारी एवं राजनीतिक क्षेत्र में गलत अर्थों में इसका इस्तेमाल हो रहा है। इसलिए सरकार सदन में बिल पास कर इस शब्द के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दे।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Sitapur Breaking News :पत्नी से़ छुब्ध होकर युवक ने लगाई फांसी।

यूपी में बैंक के समय में हुआ बड़ा बदलाव

उत्तर प्रदेश में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट की अनिवार्यता पर रोक