गंगा, रामगंगा तथा गर्रा नदी की बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों में विशेष सतर्कता बरती जाये :सीडीओ

 


खाद्यान्न, चारा एवं स्वास्थ्य टामें अपनी व्यवस्था रखें चैकस-संजय सिंह

हरदोई। विकास भवन के स्वर्ण जयंती सभागार में बाढ़ नियंत्रण एवं बाढ़ पूर्व की तैयारी समीक्षा बैठक की अध्यक्षयता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा राना ने अधिशासी अभियंता शारदा नहर अखिलेश कुमार गौतम को निर्देश दिये कि बिलग्राम तहसील के छिबरामऊ की कटरी क्षेत्र में गंगा, रामगंगा तथा गर्रा नदी की बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों में विशेष सतर्कता बरती जाये और सभी बाढ़ चैकियों पर शिफ्ट में कानूनगो, लेखपाल एवं अन्य संबंधित कर्मचारियों की डियुटी लगायें तथा ग्रामीणों को नदियों में पानी बढ़ने की जानकारी पानी आने से पहले उपलब्ध करायें और नादियों में जल स्तर बढ़ने एवं कटाव की स्थिति पर नजर बनाये रखें। बैठक में अपर जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने जिला पूर्ति अधिकारी से कहा कि उक्त ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ की संभावना को देखते हुए खाद्यान्न आदि की व्यवस्था मुख्य चिकित्सा अधिकारी पशुओं के लिए चारे तथा स्वास्थ्य विभाग की टीम स्वास्थ्य किटों की व्यवस्था के साथ अपनी तैयारी चैकस रखें। बैठक में अधिशासी अभियंता श्री गौतम ने मुख्य विकास को बताया कि गंगाा नदी के बांये किनारे स्थित ग्राम कटारी बिछुइया, कटरी छिबरामऊ, मक्कूपुरवा, गुलाबपुर, रघुवीरपुरवा एवं रामेश्वरपुरवा में 12 अगस्त को गंदी नदी जल स्तर 124.340 मीटर रहा जो खतरे के निशान से 147 सेमी नीचे बह रही हैं और इस वर्ष 1125 मीटर कराये गये कटाव निरोधक कार्य कराया गया जिससे उपरोक्त ग्राम कटाव से सुरक्षित हैं। श्री गौतम ने बताया कि गर्रा नदी के दायें तट पर स्थित ग्राम जनियामऊ, तड़ौरा, बम्हटापुर एवं मानीमऊ में कटाव निरोधक कार्य की परियोजना पूर्ण हो जाने से कटाव से सुरक्षित है, इसके अतिरिक्त संवेदनशील ग्राम छितरामऊ, मिरकापुर में फ्लट फाइटिंग कार्य से कटाव नियन्त्रित कर लिया गया है और वर्तमान में गर्रा नदी का जल स्तर खतरे के निशान से 4.83 मीटर नीचर बह रही है, रामगंगा नदी के दायें किनारे तट पर स्थित ग्राम चन्द्रमपुर का संपर्क मार्ग नदी की धारा परिवर्तित होने के कारण क्षतिग्रस्त हुआ है पर उकत कटाव को रोकने के लिए तत्काल प्रभाव से कार्य प्रारम्भ करा दिया गया हैं और यहां रामगंगा नदी खतरे के निशान से 2.8 मीटर नीचे बह रही हैं और इसके अतिरिक्त जनपद की समस्त नदियां वर्तमान में खतरे के निशान से नीचे बह रहीं है। बैठक में जिला पूर्ति अधिकारी संजय कुमार पाण्डेय, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी जे0एन0पाण्डेय, जिला सूचना अधिकारी संजय कुमार तथा चीफ फार्मासिस्ट आदि उपस्थित रहे।


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