आखिर कोतवाल को मिश्रिख कोतवाली से इतना मोह क्यो ?


 मिश्रिख कोतवाल की कुर्सी ने मनोज के सितारे कर दिये बुलन्द

मिश्रित सीतापुर ।यहां कोतवाली पर लंबे समय से तैनात प्रभारी निरीक्षक का बीते माह  यहां से गैर जनपद स्थानांतरण होने के बावजूद भी वे अभी तक अंगद के पांव की तरह यहीं जमे हुए हैं तर्क दिया जा रहा है कि जनपद के पुलिस अधीक्षक उनको यहां से रिलीव नहीं कर रहे हैं आखिर क्यों ?जनता में एक यक्ष प्रश्न बना हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार आए दिन लूट, चोरी, मारपीट, भूमि पर अवैध कब्जे, बालू मिट्टी के अवैध खनन सहित छेड़छाड़ और बलात्कार जैसी घटनाओं से लबरेज रहने वाली मिश्रिख कोतवाली क्षेत्र की जनता जहां कराह रही है वहीं अंगद के पांव की तरह यहां लंबे समय से जमे कोतवाल मनोज यादव अपनी स्थानांतरित जगह पर जाने का नाम ही नहीं ले रहे हैं पुलिस महकमे के जानकार सूत्र बताते हैं कि बीते समयांतराल के दौरान उनका यहां से स्थानांतरण गैर जनपद फैजाबाद के लिए हुआ था लेकिन ऊंची पहुंच और तीन तिकड़म के चलते उन्होंने अपना स्थानांतरण जनपद फैजाबाद से परिवर्तित कराकर जनपद अंबेडकर नगर के लिए करा लिया फिर भी वह स्थानांतरित जगह पर न जाकर  अर्सा गुजर जाने के बाद भी यहीं जमे हुए हैं पुलिस विभाग के अंदरूनी सूत्रों की माने तो मिश्रित कोतवाली की मलाईदार कुर्सी पर काबिज कोतवाल मनोज यादव को जनपद के पुलिस अधीक्षक के द्वारा रिलीव नहीं किया जा रहा है आखिर क्यों ? जनता के बीच एक यक्ष प्रश्न बना हुआ है आखिर स्थानांतरण होने के बावजूद भी  यहां क्यों जमे हैं कोतवाल  श्री यादव। प्रदेश शासन और  उच्च पुलिस प्रशासन को गंभीरता से जांच कराकर पहल करने की आवश्यकता है कि स्थानांतरित जगह पर क्यों नहीं जाना चाहते हैं कोतवाल। फिलवक्त क्षेत्र में चर्चा तो यहां तक है कि वर्तमान समय में मिश्रित कोतवाली पूरी तरह दलालों के इशारे पर संचालित हो रही है।


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