मुफलिसी की जिंदगी जी रहे सूर्यपाल को नही मिली कोई सरकारी इमदाद

 


कच्चे मकान में परिवार के साथ रहकर सरकार की योजना का कर रहे इंतजार

हरपालपुर। विकास खण्ड की परचैली गांव में एक गरीब परिवार सरकार की योजनाओं का लाभ लेने से अभी भी बंचित है। मुफलिसी की जिंदगी जीते हुए सरकारी इमदाद पाने को जिंदगी के आखिरी पड़ाव तक पहुंचने के बाद भी इंतजार है। लेकिन जिम्मेदारों का कलेजा इस गरीब को किसी भी सरकारी योजना के लिए नही पसीज सका। तीन बेटों में केवल एक के पास एक कमरा है जबकि दो बेटों के साथ साथ खुद बुजुर्ग मुफलिसी की जिंदगी जीने को मजबूर है। हरपालपुर विकास खण्ड की ग्राम पंचायत परचैली निवासी सूर्यपाल सिंह के पास कागजो में तो एक हेक्टेयर कृषि भूमि है लेकिन लगभग एक एकड़ भूमि रामगंगा नदी में समाहित हो गयी थी। अब वह केवल सात बीघा भूमि में तीन पुत्रो के साथ अपनी आजीविका चलाने को मजबूर है। यही नही तीन बेटों में एक के पास केवल एक कमरा है। शेष दो बेटों के पास कोई मकान नही है। खुद सूर्यपाल सिंह मुफलिसी की जिंदगी जीते जीते उम्र के आखिरी पड़ाव पर आवास व अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आशा भरी निगाहों से हमेशा टकटकी लगाए बैठा है कि कब उसे सरकारी इमदाद मिल जाये और उसका भला हो जाये।कच्चे मकान में जिंदगी काट रहे सूर्यपाल सिंह को किसान सम्मान निधि के अतिरिक्त कोई भी सरकारी सहायता अभी तक नसीब नही हो सकी है।पात्र गृहस्थी के तहत राशन तो मिल रहा है। जबकि बेटे मजदूरी व मेहनत की बदौलत अपनी आजीविका चलाने को मजबूर है। हालांकि जिंदगी के आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुके सूर्यपाल सिंह का कहना है कि चुनाव के समय वोट में ही उनकी जरूरत होती है बाद में सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र होते हुए भी नही मिल पाता। वह आज भी एक लाचार व तंगहाल जिंदगी जीने को मजबूर है तथा जिम्मेदारों की तरफ आज भी आशा भरी निगाहों से निहारकर सरकारी लाभ का इंतजार कर रहे है।


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