अधिकारियों की प्रताड़ना व आर्थिक तंगी से परेशान ग्राम रोजगार सेवक ने की आत्महत्या


 मल्लावां।
उच्च अधिकारियों की प्रताडना व आर्थिक तंगी से परेशान होकर एक ग्राम रोजगार सेवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जानकारी के अनुसार विकास खंड के ग्राम पंचायत नयागांव के रोजगार सेवक, सोहनलाल आर्थिक तंगी के चलते काफी दिनों से परेशान था, उसने बकाया मानदेय की मांग मल्लावां के खंड विकास अधिकारी प्रमोद कुमार चंद्रौल जोकि जनपद के उपायुक्त मनरेगा भी हैं, से की किंतु उक्त अधिकारी ने उसे डांटकर भगा दिया, तथा उससे कहा कि पंचायत सहायक की भर्ती के बाद रोजगार सेवकों का आस्तिव समाप्त हो जायेगा, तभी से वह रोजगार सेवक मानसिक रूप से परेशान था जिसके चलते उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उक्त रोजगार सेवक तथा इस विकास खंड के सभी रोजगार सेवकों का मानदेय लगभग 11 माह से बकाया है, तथा वहां के सभी रोजगार सेवक आर्थिक तंगी का शिकार हो रहे हैं। एक तो अल्प मानदेय उसपर ऐसे अधिकारियों की मनमानी के चलते बदहाली का शिकार हो रहे है। इन्ही उपायुक्त मनरेगा की मनमानी के चलते सरकार द्वारा दी गई ईपीएफ सुविधा पिछले 3 वर्षों से लटकी है। कई रोजगार सेवकों की आकस्मिक मौत के बाद भी उनके परिवारों को कुछ नही मिल सका। उच्च अधिकारियों को ऐसी घटनाओं का संज्ञान लेना चाहिए, जिससे सरकार द्वारा दी जाने वाली पारिवारिक मृतक लाभ की सुविधा संविदा कर्मचारियों को मिल सके।


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