लाखों की लागत से बने सामुदायिक शौचालय में लटक रहे ताले


जिम्मेदारों की लापरवाही से केंद्र सरकार की योजनाओं का उडाया जा रहा मखौल।
हरदोई। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजाना के अन्तर्गत  गावों में लाखों की लागत से बनाए गए सामुदायिक शौचालय बेमतलब साबित हो रहे है। उनमें अभी तक ताले लटक रहे है। जिम्मेदारों को अब इनसे कोई वास्ता नही रह गया है।
     बताते चलें कि जिले के विभिन्न ब्लाॅकों में ग्राम पंचायत निधि से बनाए सामुदायिक शौचालयों में ताले लटक रहे है। आलम यह है जमीनी स्तर पर एक भी शौचालयों का उपयोग नहीं हो पा रहा है। जिम्मेदार कोरोना महामारी व चुनावी ड्यूटी का हवाला देकर पल्ला झाड रहे है। एेसे केंद्र सरकार की स्वच्छता मिशन का पूरा मखौल उडाया जा रहा है। राष्ट्रीय सहारा की पडताल में टडियावां ब्लाॅक की ग्राम गौराडांडा, खेरिया नेवादा, ओदरा तरी, लिलवल, खेरवा दलौली, बरौली, सैंती, निबुआईं, हरिहरपुर, नरायनपुर ग्रन्ट आदि तमाम कई गावों में पिछले कई महीनों से शौचालय में जिम्मेदारों ने ताला बंद कर दिया है। एेेसे में लोग शौच जाने को मजबूर हो रहे है। ग्रामीणों की मानें तो इस समस्या को लेकर कई बार सम्बन्धित अधिकारियों से गुहार लगाई जा चुकी है। बावजूद इसके  कोई भी समाधान नही हो सका। एेसे में जिम्मेदारों की मनमानी साफतौर पर जाहिर हो रही है इतना ही नहीं ग्राम पंचायत सचिवों के उदासीन रवैये के चलते ग्रामीण बेहद परेशान नजर आ रहे है। लेकिन उच्च स्तरीय शिकायत के बावजूद कोई समाधान न होना एेसे सरकारी सिस्टम पर सवांलियां निशान लग रहे है। उधर इस बावत टडियावां बीडीओ संध्यारानी का कहना है कि सामुदायिक शौचालयों में ताले बंद होने की पहले से कोई जानकारी नहीं है कहा कि सफाईकर्मियों की नियुक्ति की प्रकिया पूरी हो चुकी है। यदि एेसा है तो एडीओ से ग्राम पंचायतों की पडताल कराकर जनहित में शौचालयों का प्रयोग शुरू कराया जाएगा।

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