सरकारी आवास के लिए दर-दर भटक रहे जरूरतमंद परिवार, जिम्मेदार बेखबर


 नई ग्राम पंचायत में कीचड़युक्त गलियों से निकलने को मजबूर ग्रामीण 

माधौगंज। नवगठित ग्राम पंचायत में 1 पंचवर्षीय बीतने के बाद भी गांव के लोग कीचड़युक्त गलियों से निकलने को मजबूर है। जरूरत मन्द लोग एक फूस की झोपड़ी में गुजर कर रहे है वह आवास के लिए दर दर भटक रहे है। विकासखंड के ग्राम पंचायत सरफुद्दीनपुर ब्लॉक मुख्यालय से करीब 7 किलोमीटर दूर है ग्राम पंचायत का गठन 2015 हुआ था इसके पूर्व ग्राम पंचायत को पिपरावां में जुड़ा था। ग्राम पंचायत अलग होने के बाद एक पंचवर्षीय गांव में विकास के नाम पर लाखों रुपए खर्च किए गए परंतु गांव की अधिकांश गलियां कच्ची हैं उन पर कीचड़ युक्त पानी भरा है बरसात के समय में यह गलियां गन्दे नाला में तब्दील हो जाती है। पानी का समुचित निकास न होने के कारण गांव में कई जगह जलभराव भी बना रहता है तीन गलियों में इंटरलॉकिंग कार्य किया गया है वही अधिकांश गलियां अभी कच्चे हैं गांव वालों ने बताया कि करीब 20 वर्ष पूर्व गांव के दो लोगों को आवास मिले थे तब से लेकर अब तक किसी भी पात्र को आवास नहीं मिल सके हैं गांव निवासी रामनाथ पुत्र विश्राम का परिवार एक फुस की झोपड़ी में गुजर-बसर कर रहा है परिवार के 9 सदस्य उसी छप्पर के नीचे जीवन यापन कर रहे हैं उसने बताया कि वह भूमिहीन है मेहनत मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण कर रहा है गांव के प्रधानों से इसके पहले कई बार एक आवास के लिए गुहार लगा चुका है परन्तु उसे अब तक आवास नसीब नहीं हुआ है वही गांव के राजरानी पत्नी राधेलाल भी अपने कच्चे टूटे-फूटे कोठरी में गुजर-बसर कर रही है इस तरह गांव के दर्जनों परिवार कच्चे भवन व झोपड़ी में गुजर बसर कर रहे हैं परंतु ऐसे परिवारों को अब तक प्रधानमंत्री आवास का लाभ नहीं मिल सका है।गांव वालों ने बताया कि बीस वर्ष में गांव के बालक राम व राम पाल के आवास आए थे जिसमें बालक राम का बनाया गया वही राम पाल का निरस्त कर दिया गया था। गांव में एक प्राथमिक विद्यालय हैं जिसकी आधी बाउंड्री बनी है आधी बाउंड्री को नवनिर्वाचित प्रधान द्वारा निर्माण कराया जा रहा है उच्च प्राथमिक विद्यालय न होने के कारण गांव के बच्चों को दूसरे गांव व कस्बे की ओर जाना पड़ता है गांव में सामुदायिक भवन या मिनी सचिवालय नहीं है।एक छोटे कमरे का पंचायत भवन बना है उसमें बाउंड्रीवाल न होने से आवारा पशुओं का अड्डा बना है। रामपाल,सद्दीक,राम औतार, राम लडैते, विकास आदि ने बताया कि उनके पास शौचालय नही है इस कारण उनका परिवार खुले में शौच जाने को मजबूर है।

-धनराशि उपलब्ध होने पर होगा निर्माण 

ग्राम प्रधान कीर्ति ने कहा कि उनका कार्यकाल शुरू हुआ है। गांव की दो गलियों में इंटरलॉकिंग का कार्य कराया है। गांव में आधे से अधिक कच्चे मार्ग है धनराशि उपलब्ध होने पर निर्माण किया जाएगा। आवास के लिए पात्रों का चयन कर सूची तैयार करेंगे। जल्द आवास मुहैया कराने की बात कही। गांव के विकास के लिए मुख्यमंत्री को पत्र भेज चुकी है।



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