लखनऊ :सेफ्टी टैंक टैंक में गिरने के बाद घुटने से ठेकेदार और मजदूर की मौत


लखनऊ
, निगोहां थानाक्षेत्र में एक निर्माणाधीन मकान के सेफ्टी टैंक में गिरकर शनिवार को ठेकेदार और मजदूर की मौत हो गई। हालांकि इस दौरान पुलिस की सक्रियता से तीन लोगों को बचा लिया गया। बताया जा रहा है कि करीब 5 फिट तक पानी से भरे टैंक में जहरीली गैस बन रही थी। JCB से टैंक तोड़कर दोनों को बाहर निकाला गया लेकिन तब तक सांसें थम चुकी थीं।

जानकारी के अनुसार, यह मामला निगोहां के नगराम मोड़ का है। निगोहां के हर कुंवर खेड़ा गांव के रहने वाले रविकेश के मकान में निर्माण कार्य चल रहा है। इसी मकान में सेफ्टी टैंक बनाने के लिए निगोहां के करनपुर गांव निवासी ठेकेदार बुद्धि लाल (32) शटरिंग लगा रखी थी। शनिवार को शटरिंग निकालने के लिए बुद्धि लाल अपने मजदूरों के साथ पहुंचे थे। शटरिंग खोलने के दौरान बुद्धिलाल टैंक में गिर गया।

बचाने के लिए नीचे उतरा तो हुआ बेहोश

आवाज सुनकर मजदूर संतोष उर्फ गोलू (22) बचाने के लिए टैंक में उतर पड़ा। टैंक में जहरीली गैस की वजह से दोनों थोड़ी देर में बेहोश हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आनन फानन जेसीबी मंगवाया और फायर बिग्रेड को सूचना दी। जेसीबी से टैंक की दीवार तोड़ने के बाद फायर बिग्रेड से पानी खींचकर बाहर किया, जिसके बाद दोनो को बाहर निकाला जा सका। पुलिस दोनों को सीएससी मोहनलालगंज भेजा जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने बचाई तीन लोगों की जान

बुद्धिलाल और संतोष को बचाने के निगोहां गाँव की तीन अन्य लोग भी टैंक में उतर गए थे। लेकिन गैस की वजह से अंदर पहुँचते ही वह भी छटपटाने लगे। यह देख पुलिस वालों ने रस्सी के सहारे तीनो को किसी तरह बाहर खिंचकर उनकी जान बचा ली।

परिजनो ने किया हंगामा

मृतकों के परिवारीजनो ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए हंगामा किया। उनका आरोप है कि समय रहते पुलिस वाले टैंक में उतरकर बुद्धिलाल और संतोष को बाहर निकाल लिए होते तो दोनों की जान बच जाती।

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