सी.एम.एस. की पूर्व छात्रा व आर्मी डाक्टर प्रियंका ने अत्यन्त जटिल आॅपरेशन कर बचायी महिला व बच्चे की जान

 


लखनऊ,
8 जुलाई। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, महानगर कैम्पस की पूर्व छात्रा एवं भारतीय सेना में वरिष्ठ गाॅयनीकोलाॅजिस्ट के रूप में सेवा प्रदान कर रही डा. प्रियंका त्रिपाठी ने अभी हाल ही में एक अत्यन्त जटिल आॅपरेशन कर एक महिला व उसके नवजात बच्चे की जान बचायी है, जिसकी पूरे देश में प्रशंसा हो रही है। डा. प्रियंका ने अरुणाचल प्रदेश में देहंग के मिलिट्री हास्पिटल में भर्ती गर्भवती महिला की जटिल सर्जरी की, जिसे जटिल परिस्थितियों के कारण ईटानगर के बड़े चिकित्सा संस्थान में रेफर किया जा चुका था परन्तु वह हाई ब्लड प्रेशर व बच्चे के सामान्य से अत्यधिक बड़े आकार के कारण महिला के लिए यात्रा करना संभव नहीं था। अन्ततः डा. प्रियंका ने अपनी टीम के साथ निडरतापूर्वक स्वयं ही उसका आॅपरेशन करने का निर्णय लिया। हालांकि यह अत्यन्त कठिन सर्जरी थी, जिसमें आॅपरेशन के दौरान गर्भाशय फटने के कारण अत्यधिक रक्तस्राव हो गया, परन्तु डा. प्रियंका इन सबसे विचलित हुए बिना अपने दृढ़निश्चय, सेवा भावना, ज्ञान व कौशल के बलबूते पाँच घंटे की सर्जरी में माँ और बच्चा, दोनों का जीवन बचाने में सफल रहीं। डा. प्रियंका की सेवा भावना की पूरे देश में सराहना हो रही है और आज वह स्थानीय लोगों के लिए एक हीरो बन चुकी हैं।

सी.एम.एस. महानगर कैम्पस की प्रधानाचार्या डा. कल्पना त्रिपाठी ने बताया कि प्रियंका त्रिपाठी महानगर कैम्पस की मेधावी छात्रा रही हैं। प्रियंका ने वर्ष 2001 में 91 प्रतिशत अंको के साथ 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की थी।

सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी ने सी.एम.एस. छात्रा डा. प्रियंका त्रिपाठी की सेवा भावना की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए उनके अत्यन्त उज्जवल भविष्य की कामना की है। डा. गाँधी से बातचीत करते हुए डा. प्रियंका ने कहा कि ‘मेरी सफलता का सम्पूर्ण श्रेय सी.एम.एस. के मेरे शिक्षकों की प्रेरणा व मार्गदर्शन को जाता है, जिन्होंने मुझे जिम्मेदारियों का निभाने हेतु प्रेरित किया। प्रियंका ने बताया कि मैं हमेशा से ही स्त्री रोग विशेषज्ञ बनाना चाहती थी। स्कूल के दिनों में मैं जिम्मेदारियां उठाने में बहुत कतराती थी परन्तु मेरे शिक्षकों ने मुझे जिम्मेदारियों का अहसास कराने व प्रेरणा देने हेतु मुझे स्कूल की हेड गर्ल बना दिया। जिसके बाद, अपनी मेहनत व शिक्षकों की प्रेरणा से वर्ष 2009 में मैने कस्तूरबा मेडिकल कालेज, मनिपाल से एम.बी.बी.एस. की डिग्री हासिल की। इसके उपरान्त, भारतीय सेना में मेरा चयन हो गया है और वर्ष 2010 में मुझे कमीशन मिला।

डा. प्रियंका त्रिपाठी के पति भी भारतीय सेना में पैथालाॅजिस्ट के पद पर कार्यरत हैं और इनकी एक छः वर्ष की पुत्री है।


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