जिम्मेदारों की सरपरस्ती में टड़ियावां क्षेत्र में उजड़ रही हरियाली

 


लाखों की कीमत के सागौन के हरे पेड़ों बीती रात लकड़कट्टों का चला आरा

टड़ियावां हरदोईप्रदेश व केंद्र सरकार के लाख प्रयासों के बाद भी नही थम रहा हरे भरे वृक्षों का कटान, जहाँ एक ओर शासन प्रशासन के द्वारा पर्यावरण संरक्षण को बनाए रखने के लिए प्रति वर्ष करोड़ों की कीमत के वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत पौधे रोपित किये जाते हैं।यहां हरदोई जनपद के टड़ियावां थाना क्षेत्र में जिम्मेदारों के द्वारा पौधों को पानी देने के बजाय हरे भरे वृक्षों पर लकड़कट्टों के द्वारा आरा चलवाने का काम किया जा रहा है। आपको बताते चलें कि यहां थाना टड़ियावां इलाके के गाँव फत्तेपुर मजरा देभिया में शनिवार की बीती रात गाँव फत्तेपुर में गोमती नदी के किनारे बनवारी लाल मौर्या के खेत के चारों तरफ़ लाखों की कीमत के खड़े सागौन के हरे भरे दर्जनों पेड़ों पर जिम्मेदारों से सांठगांठ कर लकड़कट्टों द्वारा आरा चलाया गया। इतना ही नही लकड़ी कटान माफियाओं के द्वारा काटे गए पेड़ों की जड़ों पर निशान मिटाने के उद्देश्य से मिट्टी का टीला चढ़ाकर पेड़ों पा पलवासा व पत्तों को डालकर पहचान को मिटाने का कार्य किया गया। यही थाना क्षेत्र के गाँव कोटरा बौठा में बीते 05 दिन पूर्व दर्जनों के संख्या में चांदी व शीशम,कटहल, गूलर आदि के हरे भरे पेड़ों पर जिम्मेदारों की शिथिलता से लकड़ कट्टों के द्वारा आरा दिया गया।हालांकि मामले में क्षेत्रीय रेंजर रत्नेश श्रीवास्तव ने कोई परमिट न होने व अपनी विभागीय टीम भेज कर कार्यवाही की बात कही थी। लेकिन मामले कोई कार्यवाही न होने से जिम्मेदारों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उक्त मामले रेंजर रत्नेश श्रीवास्तव ने बताया कि परमिट कोई नही था। टीम मौके पर गयी है। वन दरोगा ब्रजलाल वर्मा ने बताया कि घटना  स्थल पहुँच गये है,कुछ चिलबिल व सागौन के पेड़ काटे गए हैं, प्रतिबंधित पेंड सागौन के काटे गए पेड़ों के प्रति कार्यवाही की जा रही हैं।


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