खण्ड विकास अधिकारी के बिगड़े बोल शिकायतकर्ता से ही कर दी अभद्रता


 काम नही सियासत करने में व्यस्त बीडीओ

मछरेहटा ब्लाक का मामला

सीतापुर। खण्ड विकास अधिकारी मछरेहटा आर के उपाध्याय की भ्रष्ट व खाऊ कमाऊ कार्यशैली कही क्षेत्र में खून के परनाले न बहा दे। बीडीओ की बिगड़ी भाषा शैली भी बगावत को चिंगारी देने वाली दिखाई दे रहे है। जब किसी शिकायत कर्ता के साथ अभद्रता के साथ बात कर उसे कार्यालय से भगाया जायेगा तो स्थित गम्भीर तो होगी ही फिर शिकायती प्रार्थना पत्र के जरिये जो सियासत रची जा रही है उससे तो मछरेहटा क्षेत्र की कानून व्यवस्था ही पटरी से उतर सकती है। एक सत्य को छिपाने के लिये कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ भी तो उचित नही है। बीडीओ पर तो हमेशा से ही आरोप लगते रहे ऐसे हालातों में अगर शिकायती प्रार्थना पत्र पर सियासत चलने के बजाय उसकी निष्पक्षता से जांच हो जाये तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा लेकिन बीडीओ को पता है कि अगर ऐसा हुआ तो ख्ुाद खण्ड विकास अधिकारी की गर्दन फंस सकती है इस कारण वह शिकायत कर्ता को ही इतना धमका देते है कि वह दोबारा शिकायत ही न कर पाये। गौरतलब हो कि जनपद के विकास खंण्ड  मछरेहटा की ग्राम पंचायत बारेपारा में वर्तमान वित्तीरय वर्ष में कुल 49 प्रधानमंत्री आवास आबंटित किए गये हैं। जिसमें अधिकांशत लाभार्थी अपात्र शामिल किए गये हैं। वर्तमान आवास आंबटन सूची में ऐसे लोगों को शामिल किया गया है जिनकी पत्नी  के नाम पर पूर्व में आवास आबंटित किया जा चुका है तथा कई समृद्ध किसान भी शामिल किए गये हैं। कई लाभार्थियों के पहले से ही पक्केत मकान बने हुए हैं। इस प्रकार से ग्राम प्रधान श्रीमती यशोदा देवी द्वारा काफी राजनैतिक भेदभाव कर अपात्रों को लाभान्वित किया जा रहा है। वर्तमान प्रधान पिछली पंचवर्षीय योजना में भी प्रधान रह चुकी हैं। जिसमें कई प्रकार के फर्जी बिलों को लगाकर सरकारी धन का दुर्पयोग किया था। वर्तमान समय में भी प्रधान है। ग्राम पंचायत के हालात यह हैं कि जिनके पास पहले से पक्केा मकान हैं उन्हेंय ही प्रधानमंत्री आवास आबन्टित किये गये हैं। कुछ ऐसे भी लाभार्थी शामिल हैं जो सरकारी सेवानिवृत्तन व्येक्ति भी हैं। कुछ लोगों के नाम सूची में गलत जानबूझ कर लिखे गये हैं ताकि उन्हेंा कोई पहचान न सके और अब उनके नाम को सही करने का कार्य किया जा रहा है चॅूकि उनके खाते में नाम में गलती के कारण धनराशि नहीं जा रही है। इन लाभार्थियों से 5 हजार रूपये से लेकर 25 हजार रूपये तक प्रधान द्वारा धन उगाही की गयी है। जिन व्यइक्तियों ने ग्राम प्रधान को रूपये नहीं दिये उनको आवास आबन्टित नहीं किये गये। प्रधान द्वारा सभी गॉव के लोगों से कहा गया था कि विकास खंण्डं से लेकर विकास भवन सीतापुर तक हमें रूपये देने पडते हैं। जो लोग रूपये नहीं देंगें उन्हें आवास नहीं मिल पायेगा। शिकायत कर्ता ने अपने शिकायती प्रार्थना पत्र के माध्यआम से मॅाग की है कि शिकायकत कर्ता के गॉव के वर्तमान आवास आबन्टयन सूची का भौतिक रूप से सत्योपन कराकर ही धनराशि का व्यरय करने की अनुमति दी जाये। जिन लाभार्थियों के खाते में धनराशि भेजी गयी है उसे जॉच होने तक बैंक से धनराशि आहरण पर रोक लगाने की मॉग की है। जब उक्त  प्रकरण का शिकायती प्रार्थना पत्र लेकर दिनांक 06 जुलाई 2021 को ग्राम पंचायत के निवासी अशोक कुमार व अन्यर लोग खंण्ड  विकास अधिकारी मछरेहटा श्री आर0के0 उपाध्या य से मिले तो उन्हों ने शिकायतकर्ताओं के साथ अभद्रता कर कार्यालय से भगा दिया और कहा कि पहले शिकायत लिखने की तहजीब सीख लें फिर किसी की शिकायत करने मेरे समक्ष आना। शिकायत कर्ता अशोक कुमार आदि ने बताया श्री उपाध्यािय ने कहा कि जिन लोगों को गलत रूप से आवास का आबन्टित किया है उनका स्पष्ट रूप से नाम शिकायती प्रार्थना पत्र में लिखकर ही हमारे कार्यालय में आयें अन्यथा की अवस्थो में यदि कार्यालय आ गये तो जूतों से स्वागत करेंगें। शिकायतकर्ता अशोक कुमार ने बताया कि अगर हम लोग किसी का व्यलक्तिगत नाम शिकायती पत्र में लिख देंगें तो गॉव के आवास लाभार्थियों द्वारा हम लोगों की हत्या  भी की जा सकती है। शिकायतकर्ता अशोक कुमार आदि ने कहा कि जब मेरे गॉव में सिर्फ अपात्रों को ही आवास दिए गये हैं तो विशेष रूप से हम किसके नाम से शिकायत करें। शिकायतकर्ताओं ने कहा है कि इस प्रकरण से कल 7 जुलाई 2021 को जिलाधिकारी सीतापुर को भी अवगत करायेगें कि खंण्डस विकास अधिकारी श्री आर0के0 उपाध्योय शिकायतकर्ताओं के साथ बदसलूकी करते हैं। शिकायतकर्ताओं की समस्याीओं को दूर करना तो जानते नहीं हैं बल्कि ऐसे कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं कि शिकायतकर्ता की हत्या ही हो जाये। शिकायतकर्ता अशोक कुमार आदि ने कहा कि आवास भृष्टाचार में मछरेहटा खंण्डक विकास अधिकारी आर0 के0 उपाध्यादय भी संलिप्तृ प्रतीत हो रहे हैं। जिस प्रक्रिया को खंण्डा विकास अधिकारी ने शिकायतकर्ताओं को करने के लिए कहा है वह गॉव का कोई भी व्यसक्त करना नहीं चाहेगा। क्योंरकि ऐसे हालात में खून खराबा होनें की प्रबल सम्भाीवना है। जब खण्डा विकास अधिकारी के कथनानुसार कोई शिकायत लेकर आयेगा ही नहीं तो आवास आबन्टकन में भृष्टाचार बदस्तूर बढता ही रहेगा। जिसका लाभ खण्ड विकास अधिकारी श्री आर0के0 उपाध्याय को भी मिलता रहेगा। जब खण्ड विकास अधिकारी ही भ्रष्टाचारियों के साथ मिलकर काम करेगा तो योजना का लाभ अंतिम पात्र तक पहुंचाना इतना आसान नही दिखाई दे रहा है।    


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