प्रधानमंत्री आवास आबन्टतन में प्रधानों द्वारा की जा रही नियमों की अनदेखी, अपात्रों को दिए गये आवास


 सीतापुर।
जनपद के विकास खंण्ड  मछरेहटा की ग्राम पंचायत बारेपारा में वर्तमान वित्तीदय वर्ष में कुल 49 प्रधानमंत्री आवास आबंटित किए गये हैं। जिसमें काफी लाभार्थी अपात्र शामिल किए गये हैं। वर्तमान आवास आंबटन सूची में ऐसे लोगों को शामिल किया गया है जिनकी पत्नी् के नाम पर पूर्व में आवास आबंटित किया जा चुका है तथा कई सम़़ृद्ध किसान भी शामिल किए गये हैं।  कई लाभार्थियों के पहले से ही पक्के  मकान बने हुए हैं तथा टैक्टयर स्वा मीयों को भी सूची में शामिल किया गया है। इस प्रकार से ग्राम प्रधान श्रीमती यशोदा देवी द्वारा काफी राजनैतिक भेदभाव कर अपात्रों को लाभान्वित किया जा रहा है। वर्तमान प्रधान पिछली पंचवर्षीय योजना में भी प्रधान रह चुकी हैं। जिसमें कई प्रकार के फर्जी बिलों को लगाकर सरकारी धन का दुर्पयोग किया था। श्रीमती यशोदा देवी वर्तमान समय में भी ग्राम प्रधान है। ग्राम पंचायत के हालात यह हैं कि जिनके पास पहले से पक्केम मकान हैं उन्हेंह ही प्रधानमंत्री आवास आबन्टित किये गये हैं। क्यों कि इन लाभार्थियों से 5 हजार रूपये से लेकर 25 हजार रूपये तक प्रधान द्वारा धन उगाही की गयी है। जिन व्य्क्तियों ने ग्राम प्रधान को रूपये नहीं दिये या राजनैतिक विरोधी हैं। उनको आवास आबन्टित नहीं किये गये। प्रधान द्वारा सभी पात्रों से कहा गया था कि विकास खंण्ड  से लेकर विकास भवन सीतापुर तक हमें रूपये देने पडते हैं। जो लोग रूपये नहीं देंगें उन्हेंक आवास नहीं मिल पायेगा। शिकायतकर्ता ने शिकायती पत्र में यह भी दावा किया है कि जो सरकारी सेवा से निवृत्त  होकर पेंशनधारक व्याक्ति हैं उन्हें  भी आवास सूची में पात्र दिखाकर उनके खाते में 40 हजार रूपये भेजे जा चुके हैं। वर्तमान प्रधान द्वारा सूची में काफी बडे स्त र पर घालमेल किया गया है। सूची में कई लाभार्थियों का गलत लिखाया गया है ताकि गॉव के अन्यन लोगों को सही जानकारी न मिल सके। जिन लोगों के गलत नाम सूची में लिखे गये हैं अब उन्हेंप सही करने की प्रक्रिया होने लगी है। गॉव में बहुतायत में ऐसे मकान बने हुए हैं जिनके कच्चेह मकान बने हुए और वह भी अब पूर्णतया जर्जर हो चुके हैं लेकिन प्रधान की खाउ कमाउ नीति के चलते उन्हे  जर्जर मकान नहीं दिख रहे हैं। शिकायतकर्ता आलोक बाजपेयी ने ग्रामीण विकास मंत्रालय व जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेजकर निवेदन किया है कि किसी जिला स्तमरीय अधिकारी से प्रार्थी के गॉव के वर्तमान आवास आबन्ट न सूची का भौतिक रूप से सत्याअपन कराकर ही धनराशि का व्यमय करने की अनुमति दी जाये। जिन लाभार्थियों के खाते में धनराशि भेजी गयी है उसे जॉच होने तक बैंक से धनराशि आहरण पर रोक लगाने की मांग की गयी है।


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