हरदोई :डेढ़ साल की बेटी का शहीद पिता को सलाम ,दी अंतिम विदाई


हरदोई,
 कुछ महीने पहले भारतीय सेना के मेजर पंकज पांडेय जब छुट्‌टी में घर आए थे तो उन्होंने अपनी बच्ची अरु को परेड सिखाई थी। पिता की गोद में परेड सीखते समय किसी ने ये नहीं सोचा होगा कि, एक दिन वही मासूम बच्ची अपने पिता की शहादत पर लेफ्ट-राइट कर अंतिम विदाई देगी। नन्ही बच्ची ने अपने पिता से सीखी परेड को जब दुनिया के सामने करके दिखाया तो हर किसी की आंखें नम हो उठीं।

डेढ़ साल की बेटी अरु ने अपने पिता की तस्वीर पर फूल चढ़ाए। फिर हथेली को माथे पर लगाकर विदाई दी। इस बीच मासूम बच्ची के दो वीडियो सामने आये है। एक जिसमें वो अपने पिता की गोद में परेड सीख रही है। दूसरा जिसमें वो अपने शहीद पिता को अंतिम विदाई दे रही है। जिसे देख किसी की भी आंखें छलक पड़ेंगी।

पिता को दी अंतिम सलामी
अरुणाचल प्रदेश में अपने दोस्त के लिए जान गंवाने वाले देने वाले भारतीय सेना के मेजर पंकज पांडेय पंचतत्व में विलीन हो गए। सैन्य सम्मान के साथ पंकज को अंतिम विदाई दी गई, लेकिन उस विदाई के वक्त जब उनकी डेढ़ साल की बिटिया ने अपनी नन्ही हथेली माथे पर लगाकर पिता को सलामी दी। जिस तरह पिता की शहादत को नमन किया, उसे देखकर लोगों ने सलाम किया उस परवरिश को, जिसे संस्कार के रूप में अपनी बिटिया के जेहन में छोड़कर पंकज दुनिया से विदा हो गए। यह देख वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो उठीं

पंकज की गोद में बेटी ने सीखी परेड
बच्ची का दूसरा वीडियो कुछ महीने पुराना है। जब पंकज की बेटी गोद में थी। वीडियो में पंकज अपनी छोटी सी मासूम बेटी को गोद में लेकर परेड सिखा रहे है। पिता अपनी बिटिया को लेफ्ट-राइट कराते दिख रहे हैं। जब भी वो लेफ्ट बोलेते, तो बच्ची अपने बांए पैर को आगे करती है। जिसपर पिता बेटी के बाएं पैर को चूमकर प्यार करते हैं। इसी तरह जब वो राइट कहते हैं तो बेटी अपने दाएं पैर को आगे बढ़ा देती है। पिता फिर दाएं पैर को चूमकर प्यार करते दिख रहे हैं।

दोस्त को बचाने में हुए शहीद
हरदोई के रहने वाले मेजर पंकज अपने साथी को बचाने में शहीद हो गए थे। अरुणाचल प्रदेश के तंबौला में उनकी तैनाती थी। 15 हजार फीट की ऊंचाई से गिरने पर वह बुरी तरह घायल हो गए। गुरुवार देर रात गुवाहाटी के हॉस्पिटल में उन्होंने दम तोड़ दिया था। मेजर की मौत की खबर मिलते ही उनके घर व जिले में शोक की लहर दौड़ गई। हरदोई शहर से सटे महोलिया शिवपार निवासी व्यवसायी अवधेश पांडे के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा पंकज पांडेय व छोटा बेटा आशीष पांडेय। पंकज पांडेय सेना में मेजर थे। पिता अवधेश ने बताया कि 19 जुलाई की दोपहर उनके पास फोन आया कि एक हादसा हुआ है, जिसमें पंकज को गंभीर चोटें आईं हैं। इसके बाद वे फौरन बेटे आशीष के साथ गुवाहाटी हॉस्पिटल पहुंचे। पंकज को गंभीर चोटें आईं थी, उन्हें बचाया नहीं जा सका।

योगी सरकार ने दी 50 लाख की आर्थिक सहायता
योगी सरकार ने मेजर पंकज पांडेय के परिवार को 50 लाख की आर्थिक सहायता दी। सदर विधायक नितिन अग्रवाल ने शहीद के पिता को चेक सौंपा। इसके अलावा सरकार ने शहीद के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने के साथ हरदोई की एक सड़क उनके नाम पर रखेने का आश्वासन दिया। इसपर शहीद के पिता ने जिले में बन रहे नए मेडिकल कॉलेज का नाम उनके बेटे के नाम पर रखने की सरकार से मांग की। पिता की मांग को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का विधायक ने आश्वासन दिया।

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