ब्लाक प्रमुखी के नामाकंन में चली गोली फूटे बम


 



सपा नेताओं में दिया धरना तो भाजपा समर्थको पर लगे गम्भीर आरोप

कमलापुर इलाका हुआ छावनी में तब्दील तो रामपुर मथुरा ब्लाक पर मचा बवाल

सीतापुर। ब्लाक प्रमुखी के नामांकन खून खराबे की भेंट चढ़ गये। भाजपा प्रत्याशियों के समर्थको का आरोप है कि वह अन्य दलों के दावेदारों का पर्चा दाखिल ही नही होने दे रहे है। इसी कारण रामपुर मथुरा में हंगामा हुआ नेतागण व समर्थको ने काफी देर तक धरना दिया तो कमलापुर में गोली चली और बम फोड़े गये। दहशतगर्दी फेलाने वाले वालों में कुछ लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है तो कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया जा रहा हैं। इस घटना  के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल कायम हो गया है कि ब्लाक प्रमुखी चुनाव मंें हिन्सा गोलिया चल रही है बम फोड़े जा रहे है। हलांकि पुलिस महकमें में सूझ बूझ का परिचय देते हुए कमलापुर इलाके में कई थानों की पुलिस को बुलाकर तैनात कर दिया गया है इस कारण स्थित कण्ट्रोल में होनी बतायी जा रही है लेकिन अब अधिकारियों मंें भी दहशत है कि दबंगता व खूनी हिन्सा की चपेट में वह भी न आ जाये। रामपुर मथुरा में तो सुबह से दबंगता और गड़बड़ चल रहा था। पुलिस महकमा हकीकत को छिपाने का प्रयास कर रहा है इस कारण मीडिया केा नामकान स्थल पर जाने नही दिया जा रहा है जबकि आर ओ का कहना है कि मीडिया को नामांकन स्थल तक जाकर कबरेज करने की इजाजत है तो सीओ ने भी इसी तरह से मिलती जुलती बाते कही थी लेकिन अन्दा गोल माल हो रहा था बताते है कि भाजपा प्रत्याशी के लोग अपने प्रत्याशी को निविर्रोध चुनाव जितवाना चाह रहे थे इस कारण सपा प्रत्याशी को जबरन नामाकंन करने नही दिया जा रहा था तो निर्दलीय प्रत्याशी पर भी दबाव बनाया जा रहा था समाचार लिखे जाने तक भाजपा प्रत्याशी के समर्थको ने गुंण्डागर्दी का आरोप झेला और दूसरा पर्चा दाखिल ही नही होने दिया लेकिन समाचार लिखे जाने तक सपा प्रत्याशी का पर्चा दाखिल करवाने के लिये सपा के लोग संघर्ष कर रहे थे। रामपुर मथुरा में भाजपा और सत्या  प्रत्याशी के समर्थको में काफी तेज तर्रार झड़प रही व दोनो दलों के प्रत्याशियों के समर्थको ने धरना भी दिया। इसी तरह कमलापुर में भी नामांकन के दौरान झड़प हुई यहां भी बताया जा रहा है कि भाजपा और सपा प्रत्याशी के समर्थको के बीच गोली ही चल गयी। सवाल यह भी क्या नामांकन को हिन्सा में बदलने की तैयारी ब्लाक कसमण्डा में पहले से ही चल रही थी अगर नही तो नामाकंन के दिन हथियार और बम कहां से आ गये वह भी पुलिस के सख्त पहरे में। कुल मिलाकर ब्लााक प्रमुख के चुंनाव खूनी हिन्सा की ओर बढ़ रहे है जो किसी भी मायने में उचित नही है।बततो है कि नामांकन करने जा रही भाजपा से बागी उम्मीदवार को रोकने को लेकर हुए बवाल के दौरान हथगोले चले और कई राउंड फायरिंग भी हुई। घटना के बाद भगदड़ मच गई। पुलिस ने लोगों पर लाठियां भांजी। घटना के बाद तनाव है। फिलहाल पुलिस पूरे हालात को काबू में करने का दावा कर रही है। घटना में तीन लोग घायल हो गए हैं।ब्लॉक प्रमुख पद के चुनाव के लिए गुरुवार को जिले के 19 ब्लॉक में नामांकन की प्रक्रिया चल रही थी। इसी बीच कसमंडा ब्लॉक में भाजपा प्रत्याशी गुड्डी देवी अपना नामांकन करने के बाद ब्लॉक से चली गई। बताया जाता है कि कुछ देर बाद निर्दलीय प्रत्याशी मुन्नी देवी नामांकन करने ब्लॉक के अंदर जा रही थी तभी उन्हें रोक दिया गया।बताया जाता है कि मुन्नी देवी को गुड्डी देवी के समर्थकों ने रोका था। मुन्नी देवी भाजपा से ही टिकट मांग रहीं थीं। नहीं मिलने पर बगावत करते हुए वह निर्दलीय के रूप में नामांकन करने जा रही थीं। इसी को लेकर वाद-विवाद शुरू हो गया। कहासुनी के दौरान मामला तूल पकड़ गया और देखते ही देखते गोलियां चलने लगीं। कई राउंड फायरिंग के बीच हथगोले भी चले। इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे। घटना को देख मौके पर मौजूद कुछ पुलिसकर्मी भी अपनी जान बचाते हुए भागते नजर आए। हालांकि, कुछ ही देर में मामला शांत हो गया। पुलिस ने हालात को काबू में करने के लिए भीड़ पर लाठियां भी चलाई।

-पर्चा न मिलने पर धरने पर बैठे  पूर्व विधायक

सीतापुर। खैराबाद ब्लॉक प्रमुख का पर्चा न मिलने पर पूर्व विधायक राधेश्याम जायसवाल ब्लॉक परिसर में धरने पर बैठे गए। करीब दो घंटे तक धरना दिया। उसके बाद पुलिस ने उनको समझाकर वहां से हटवाया। एसडीएम ने बताया कि पर्चा सभी को दिए जा रहे हैं। अब तक चार पर्चे बिक चुके हैं। पूर्व विधायक का आरोप निराधार है।ब्लॉक प्रमुख चुनाव का नामांकन पत्र न मिलने पर पूर्व सदर विधायक राधेश्याम जायसवाल ने सपा कार्यकर्ताओं के साथ प्रशासन व सत्तारूढ़ सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। पूर्व विधायक का कहना है कि सुबह 11 बजे ब्लॉक पर अपने दो प्रत्याशियों को पर्चा दिलाने आया था। लेकिन यहां पर केवल भाजपाइयों को ही पर्चा दिया जा रहा है।सभी प्रशासनिक अधिकारियों से आग्रह करते रहे पर आवेदन पत्र नहीं दिए गए। तीन बजते ही पुलिस की गाड़ी में बिठाकर हमें आवास छोड़ दिया गया। आवास के बाहर पुलिस लगा दी है। ऐसा अत्याचार राजनीति के कैरियर में किसी की सरकार में नहीं हुआ है। यह लोकतंत्र की हत्या है।एसडीएम सदर अमित भट्ट का कहना है कि पूर्व विधायक का आरोप निराधार है। हमारे अधिकारी वहां मौजूद थे। मैं स्वयं वहां था। थोड़ी देर के लिए एक बैठक में गया था। अगर वह आवेदन लेने गये थे तो लिया क्यों नहीं। अगर ऐसा होता तो चार आवेदन कैसे बिकते। 




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