क्या पशुवाड़ो में चल रहा है फर्जीवाड़ा?


 कागजी दस्तावेजो से मैच नही खाती पशुवाड़ो की हकीकत

सीतापुर । हकीकत में जिले की गौशालाओं की स्थित न तो दुस्रूत है और न ही शासन की मंशा के अनुरूप है। कुछ स्थानों पर पुवाड़े की नाम पर केवल बाउण्ड्री खीची हुई है तो कहीं पर पशुओं के खड़े होने के लिये थोड़ी बहुत टीन डलवाई गयी है। लेकिन ज्यादातर पुशओं को खेले में रखा जा रहा है उनके खाने पीने के बेहतर इंतजाम तक नही हैं। किसी का कहना है कि पैसा नही आया इस कारण हम इंतजाम नही कर पा रहे है तो किसी ने अन्य समस्याएं बतायी। फिलहाल पशुवाडे में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा चल रहा है। गौरतलब हो कि  गोवंश संरक्षण के कागजी दावों की हकीकत हरगांव की ग्राम सभा कोरैया गंगादास के मजरा प्यारापुर में बनी गोशाला में नजर आती है। चिलचिलाती धूप हो या बरसात जानवर खुले में ही खड़े मिल जाएंगे। टिनशेड में 90 गोवंशों के रहने की क्षमता वाली इस गोशाला में 239 जानवरों को संरक्षित किया गया है। गोशाला में महज दो टिनशेड हैं, इनके नीचे बमुश्किल 100 जानवर ही आते हैं। बाकी गोवंश खुले में रहते हैं। जानवरों को चारा भी खुले में बनी चरही (चन्नी) डाल दिया जाता है। मंगलवार दोपहर 12 बजे 50 से अधिक गोवंश खुले में ही खड़े नजर आए। कोरैया गंगादास गोशाला में एक टिनशेड अधूरा है। पिलर बने हैं, लेकिन टिन नहीं डाली गई है। जानवरों की प्यास बुझाने के लिए बोरिग तो है, लेकिन गोशाला में बिजली कनेक्शन नहीं है। मजे की बात तो यह है कि, इस्टीमेट स्वीकृत होने के बावजूद बिजली विभाग ने अब तक कनेक्शन नहीं किया है। कोरैया गंगादास गोशाला में बाउंड्री नहीं है। जानवरों को रोकने के लिए पिलर बनाकर कंटीला तार लगाया गया है। गोशाला में प्रकाश व्यवस्था भी कागजी है। एक सोलर लाइट की बैटरी गायब है। हालांकि, गोशाला में संरक्षित जानवरों को हरा चारा दिया जा रहा है। गोशाला में नेपियर घास बोई गई है। एक अन्य चारागाह में हरा चारा बोया गया है।गोशाला में संरक्षित जानवरों की देखरेख में लगे मजदूरों को 14 माह से मजदूरी नहीं मिली है। कल्लन, रघुनंदन, रामौतार ने बताया कि वह दो वर्ष से काम कर रहे हैं। 14 महीनों से उन्हें मजदूरी नहीं मिली है। गोशाला में रात की चौकीदारी का जिम्मा रामलखन को दिया गया है।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Sitapur Breaking News :पत्नी से़ छुब्ध होकर युवक ने लगाई फांसी।

उत्तर प्रदेश में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट की अनिवार्यता पर रोक

यूपी में बैंक के समय में हुआ बड़ा बदलाव