शोषण काण्ड बन सकता है बीडीओ के गले की फ़ास, पुलिस की दहलीज तक पहुंचा मामला जांच हुई शुरू


सीतापुर
। पंचायत राज व्यस्था अभी तक घोटालेबाजी के मामले में अपना अलग शानदार मुकादम बनाये हुए थी। इस व्यवस्था के तहत यही होता है पंचायत स्तर के अधिकारी घेटालो को अंजाम देते है तो ब्लाक स्तर के अधिकारी इन घोटालेबाजों को संरक्षण प्रदान करते है बदले में वह ग्राम पंचायत के घोटालो में अपनी हिस्सेदारी लगाते हुए उसमें अपना कमीशन खोजते रहते थे जो घोटाले हाई प्रोफाइल हो जाते है उन घोटालो में केस दर्ज कर प्रधान व सचिव को जेल भेज दिया जाता है वरना तो विवेचना में भी सब कुछ मैनेज कर लिया जाता है। प्रशासन के आंकड़ो पर गौर किया जाये तो कई सचिव भी ऐसे है जो घोटालेबाजी में जेल की सलाखों के पीछे जा रहे थे उनके विरूद्ध जांचे पुटप हुई लेकिन बाद में सब मैनेज हो गया। यकीन न हो तो खण्ड विकास अधिकारी अजीत कुमार यादव ऐलिया ब्लाक का ही पुराना रिकार्ड देख ले उनको सब कुछ पता चल जायेगा। जब एक अधिकारी अपने ही कर्मचारी का शोषण करेगा और शोषण इतना बढ़ जायेगा कि कर्मचारी केा पेट्रोल डालकर आत्मदाह करनी पड़ेगी तो फिर उस व्यवस्था का क्या होगा अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। वही दूसरी तरफ सचिव भी इस समय रंग रेलिया मनाने में जुटे है। सरकारी येाजनाओं का लाभ देने का लालच देकर सचिव द्वारा महिला को अपनी हवश का शिकार बनाने की कोशिश की जाती है महिला ने इसका विरोध किया और सचिव के विरूद्ध मिश्रिख कोतवाली थाने पर केस भी दर्ज करवाया है तो खण्ड विकास अधिकारी ऐलिया अजित यादव भी पुलिस जांच के दायरे में लगातार फसंते जा रहे है। एक अधिकारी अपनी कर्मचारी का शोषण केवल इस लिये कर रहा क्येाकि कर्मचारी उसकी घेाटालेबाजी में आंडे आ रहा है। सुनने में भले ही अटपटा लगा रहा हो लेकिन जो आकड़े है वह तो झूठ नही बोल रहे है। खण्ड विकास अधिकारी ऐलिया अजीत यादव हमेशा से कमीशनबाजी के मामले में अव्वल रहे है और उनके बारे में बताया जा रहा है कि वह बिना कमीशन के किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर तक नही करते है तो वहीं विकास ऐलिया की ग्रामसभा रामनगर खटकरी का रोजगार सेवक प्रदीप शुक्ला उनके कहने पर नही चला तो उसका शोषण किया जाने लगा। उसका शोषण पिछले काफी समय से किया जा रहा था। इसके बाद भी जब जब कर्मचारी श्री यादव के गुनाह में उनका साथ देने से मना कर दिया तो यह कर्मचारी वीडीओ की आंखों में खरकने लगा और उसने रोगजार सेवक को ग्रामसभा आने से मना कर दिया और तमाम प्रकार से रोजगार सेवक का शोषण करने लगा जिससे परेशान होकर रोजगार सेवक ने आत्मदाह करने की कोशिश ब्लाक परिसर में ही की। घटना की सूचना पुलिस को दी गयी पुलिस मौके पर पहुची और पड़ताल शुरू कर दी है। इसी तरह का एक मामला मिश्रिख ब्लाक का सामने आया है मिश्रिख ब्लाक में तैनात सचिव ने योजना का लाभ देने के बहाने एक महिला से रंग रेलियां मनाने की कोशिश की। महिला ने विरोध किया और थाने पर तहरीर दी। जिसके बाद पता चला है कि सचिव पर केस दर्ज हो गया है। 

बीडीओ अजीत का राजदार है एपीओ अभिषेक सिंह

सीतापुर। इस समय ऐलिया ब्लाक काफी चर्चाओं में है जिस ब्लाक का खण्ड विकास अधिकारी ही शोषण बाज निेकलेगा उस ब्लाक का एपीओ कमजोर कैसे हो सकता है। बताया जा रहा है कि बीडीओ और एपीओ  अभिषेक सिंह इस समय एक सलाह से काम कर रहे है जितना अजीत कहते है एपीओ उतना ही करते है। सूत्रो की माने तो जांच में एपीओ का भी नाम आ सकता है क्येाकि एपीओ द्वारा ही बीडीओ की हां में हा मिलाकर गड़बड़ घोटालो को अंजाम दिया जा रहा है। अगर बीडीओ काण्ड की ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ जांच हो गयी तो एपीओ की गर्दन भी फंस सकती है।


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