अलास्का :1964 के बाद आया सबसे शक्तिशाली भूकंप, क्या होगा इसका प्रभाव ?

 


नयी दिल्ली। आज के समय में सबसे ज्यादा लोगों के ज़हन में एक सवाल गूंजता रहता है कि आखिर सुनामी क्या होती है। जिसकी खबरें आए दिनों पढ़ने को मिलती रहती है तो हम आपको आसान भाषा में समझा दें कि धरती जब हिलती है तो भूकंप आता है लेकिन जब यही भूकंप पानी में आता है तो उसे हम सुनामी कहते हैं। जिसका मतलब साफ है कि पानी यानी की समुद्र में उठने वाला तूफान सुनामी कहलाता है। जब सुनामी का अलर्ट जारी किया जाता है तो सबसे पहले तटों के पास रहने वाले लोगों को स्थानातरिंत किया जाता है। ताकि जानमाल का नुकसान न हो। 

जापानी भाषा में सुनामी को कुछ इस तरह परिभाषित किया गया है। जिसके मुताबिक सु का मतलब समुद्र और नामी का मतलब लहरें होता है। ऐसे में समुद्र में उठने वाली लहरें सुनामी कहलाती हैं। लेकिन यह कोई आम लहरें नहीं होती है बल्कि ऊंची और विशालकाय लहरें होती हैं। सुनामी के दौरान समुद्र के भीतर अचानक से तेज हलचल शुरू हो जाती है। जिसकी वजह से भी लंबी-लंबी लहरें उठती हैं। सुनामी की चर्चा अभी इसलिए हो रही है क्योंकि अलास्का प्रायद्वीप पर 8.2 की तीव्रता का भूकंप आया है। जिसके बाद सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। फिलहाल हवाई में सुनामी के खतरे का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक अमेरिका में 1964 के बाद सबसे शक्तिशाली भूकंप आया है। जिसके बाद सुनामी का अलर्ट जारी किया है। हालांकि कितना नुकसान हुआ है इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। आपको बता दें कि 1964 में अमेरिका के अलास्का में 9.3 तीव्रता का भूकंप आया था। इस दौरान 4:38 मिनट तक धरती हिली थी। इसके बाद सुनामी आई थी।अलास्का में नुकसान की संभावना कम !

आपको बता दें कि अलास्का की आबादी वहां के क्षेत्रफल के हिसाब से काफी कम है। ऐसे में वहां पर नुकसान की संभावना कम है। हालांकि सुनामी के बारे में न तो भविष्यवाणी की जा सकती है और न ही अंदाजा लगाया जा सकता है। सुनामी की चेतावनी अमेरिका के प्रशांत क्षेत्रों गुआम और उत्तरी मारियाना द्वीपों पर की गई है।

अलास्का में भूकंप आते रहते हैं क्योंकि अलास्का पैसिफिक रिंग ऑफ फायर (Pacific Ring of Fire) में आता है। लेकिन बुधवार का भूकंप 1964 के बाद का सबसे शक्तिशाली भूकंप माना जा रहा है।

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