मोदी सरकार का जम्मू-कश्मीर को लेकर क्या है प्लान, एक के बाद एक हो रहे बैठकों के मायने क्या?


 आर्टिकल 370 के हटने के बाद जम्मू कश्मीर पर पूरे देश की नजर है। अगस्त में आर्टिकल 370 के हटने के 2 साल पूरे हो रहे हैं। लेकिन माहौल कितना बदला है इस पर लगातार चर्चा जारी है। इन सबके बीच जम्मू कश्मीर को लेकर केंद्र सरकार अपनी अलग रणनीति बना रही है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 जून को जम्मू कश्मीर पर सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में कश्मीर के सभी दलों के नेता शामिल होंगे। 24 जून को होने वाली बैठक से पहले आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्रियों के साथ बैठक की है। पीएम मोदी ने गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ महत्वपूर्ण बैठक की है। हाल में ही जम्मू कश्मीर को लेकर गृह मंत्रालय के उच्च स्तरीय बैठक हुई थी इसमें अमित शाह के अलावा जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी शामिल थे। मनोज सिन्हा ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात की है।

सूत्र यह दावा कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को होने वाली बैठक में जम्मू कश्मीर के राज्य का दर्जा बहाल करने पर चर्चा कर सकते हैं। बैठक में पीएम घाटी में राजनीतिक प्रक्रिया शुरू करने के ब्लूप्रिंट पर चर्चा कर सकते हैं। दावा किया जा रहा है देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल इस पर कई महीनों से काम कर रहे हैं। सूत्र यह भी बता रहे हैं कि केंद्र सरकार राज्य में परिसीमन की ओर भी बढ़ रही है। परिसीमन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी निर्वाचन क्षेत्रों की भौगोलिक स्थितियों के बारे में विभिन्न सूचनाओं पर चर्चा करने के लिए जम्मू कश्मीर के सभी उपायुक्तों के साथ अगले कुछ दिनों में वर्चुअल बैठक करेंगे। पिछले साल मार्च में गठित इस आयोग को जम्मू कश्मीर के निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाएं फिर से तय करने का जिम्मा दिया गया है। जम्मू कश्मीर में अभी केंद्र का शासन है। इस साल उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश रंजना देसाई के नेतृत्व में आयोग को काम पूरा करने के लिए एक और साल का वक्त दिया गया था। परिसीमन आयोग ने मौजूदा निर्वाचन क्षेत्रों के इलाके पर हाल ही में आंकड़ें मांगे थे और इन्हें ‘‘भौगोलिक रूप से और अधिक सुव्यवस्थित’’ बनाने के लिए आयोग ने उपायुक्तों से इस संबंध में सुझाव देने के लिये कहा था। 

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने सहित राजनीतिक प्रक्रियाओं को मजबूत करने की केंद्र की पहल के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 जून को वहां के सभी राजनीतिक दलों के साथ बैठक की अध्यक्षता कर सकते हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को यहां यह जानकारी दी। यह बैठक केंद्र द्वारा अगस्त 2019 में जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को निरस्त करने और इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजन करने की घोषणा के बाद से इस तरह की पहली कवायद होगी। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अन्य केंद्रीय नेताओं के भाग लेने की संभावना है। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय नेतृत्व ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला, पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी (जेकेएपी) के अल्ताफ बुखारी और पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के प्रमुख सज्जाद लोन को चर्चा के लिए आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 

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