सुहागिनों की पूजा भी बन गयी व्यापारियों की आय का मोहरा!


 खरबूजे की मची धूम पुलिस बिकवाती रही 150 रूपये किलो खरबूजा

सीतापुर। वटसावित्री की पूजा के पर्व पर सभी सुहागिनों ने वृत रखा और अपनी पति की लम्बी उम्र की कामना करते हुए अपने अपने हिसाब से वट सावित्री की पूजा की। बताते है कि यह वट सावित्री की पूजा सत्यवान की मौत और सावित्री के सुहाग से तालुक रखती है इस कारण सभी सुहागिनो ने भले ही पति पत्नी की आपस में न निपटती हो इसके बाद भी पत्नी ने अपनी सुहाग की रक्षा के लिये वट सावित्री की व्रत रखा और पूजा की। कोरोना काल का समय है मंहगाई की मार आम आदमी वैसे भी नही झेल पा रहा है। हर आम आदमी के जेब पूरी तरह से खाली हो चुकी है। ऐसे में घर का खर्चा भी चलाने के लिये इंसान को सोना  पड़ना रहा है। इसके बाद भी अवसर वा दी व्यापारी लाचार पटटेहाल व्यक्ति की जेब पर डाका डालने से नही चूक रहे है। इस बार तो व्यापारियों ने वट सावित्री के व्रत को ही अपनी आमदनी का जरिया बना लिया और जो खरबूज मण्डी में बारह रूपये तथा बाजार में बीस रूपये किलो के हिसाब से खुलेआम बिकता था व्यापारी जबरन यह कहकर खरबूजा देते थे कि चलो बीस से कुछ रूपये कम देना और खरबूजा मीठा होगा इसकी जिम्मेदारी मेरी है। आज वही व्यापारी जनता से रूखे मुह से बात करते हुए बीस रूपये किलो बिकने वाला खरबूजा सौ से लेकर ढेढ़ सो रूपये किलो बिका। वह भी उस स्थित में जब पुलिस बाजार में उपस्थित रही। पुलिस की निगरानी में डेढ सौ रूपये किलो खरबूजा बिकता रहा और पुलिस बिकवाती रही। चूंकि पति तो अपनी पत्नी से यह कह नही सकता है कि पूजा न करो और कोरोना काल में पति की जेब पूरी तरह से खाली हो चुकी है ऊपर से बीस रूपये किलो बिकने वाला खरबूजा 150 रूपये किलो बिक रहा है तो आम आदमी तो तिलमिला ही जायेगा। हुआ यूं कि वट वृक्ष की पूजा के एक दिन पहले ही मण्डी के व्यापारियों ने खरबूजे का स्टाक लगाकर उसके रेट बढ़ा दिये। जब बाजार में खरबूजा कम आया और हर सुहागिन को एक खरबूजे की जरूरत थी। इस कारण व्यापारियों ने अचानक ही खरबूजे के दाम सात गुने से भी अधिक कर दिये। पूरे शहर की बात करें तो लालकपड़ा कोठी के पास लग रहे फल के ठेलो पर खरबूजा सौ रूपये किलो बिका तो ग्रीकगंज पर ठेलिया पर रखकर खरबूजा बेचने वालों ने सौ से ढेढ़ सो फिर जैसा तय हो जाये लेकिन सबसे अधिक लूट कैचीपुल पर लगने वाली दैनिक बाजार पर दिखाई दी। यहंा तक पुलिस वह भी तीन स्टार वाले मोैजूद थे उनकी उपस्थित में डेढ़ सौ किलो रूपये खरबूजा खुलेआम बिक रहा था। जब यह सभी लोग जानते थे कि वटसावित्री के पर्व से एक दिन पहले यही खरबूजा चिल्ला चिल्ला कर पन्द्रह रूपये से बीस रूपये किलो बिक रहा था। अचानक से व्यापारियों ने ऐसी तरकीब निकाली कि वह एक ही दिन में मालामाल हो गये और बेचारा पति कंगाल हो गया। क्येाकि अगर पति खरबूजा न खरीदे तो पूरे साला भर पत्नी पति को ताने देती रहेगी और अगर खरीदता है तो जब पर खुलेआम डाका पड़ेगा। तो पति ने लाचार होकर खुलेआम अपनी जेब पर डाका डलवा दिया। 


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Sitapur Breaking News :पत्नी से़ छुब्ध होकर युवक ने लगाई फांसी।

यूपी में बैंक के समय में हुआ बड़ा बदलाव

उत्तर प्रदेश में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट की अनिवार्यता पर रोक