सचिव की पिटाई का कारण कहीं उनकी आशिक मिजाज कार्यशैली तो नही?

 


सचिव श्याम कुमार पर छेड़छाड़ का दर्ज हुआ केस पुलिस ने शुरू की पड़ताल

सचिव द्वारा दी गयी तहरीर की ग्रामीणों ने उठाई जांच की मांग

सीतापुर । विकासखंड मिश्रित की ग्राम पंचायत निरहन में तैनात भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबे आशिक मिजाज ग्राम पंचायत अधिकारी श्याम कुमार की चर्चित कार्य शैली क्षेत्र में काफी चर्चा का विषय बनी हुई है । ग्राम पंचायत निरहन की रहने वाली एक महिला ने थाना प्रभारी पिसावां को  शिकायती देकर आरोप लगाया है । कि 24 जून को समय लग भग 2 बजे वह घर पर अकेली थी । उसके पति खेतों में कृषि कार्य करने गए हुए थे । उसी समय गांव में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी श्याम कुमार उसके घर आए और कहा कि तुमको एक सरकारी आवास दे चुका हूं । तुम चाहो तो दूसरा भी सरकारी आवास दे सकते है । पीड़िता जब तक उनकी बात समझ पाती तब तक वह उसका हाथ पकड़ कर अश्लील हरकतें करना शुरू कर दिया ।  जिस पर पीड़िता ने शोर मचाया । शोर की आवाज सुनकर पड़ोसी महिला रामकली व देवर उमेश मौके पर आ गए । परन्तु उनको अपनी ओर आता देख ग्राम पंचायत अधिकारी अपनी मोटरसाइकिल से भाग निकले । पीड़िता ने मांमले की लिखित तहरीर थाना प्रभारी पिसांवा को दी थी । जिस पर पिसावां पुलिस ने अ. सं. 208 पर धारा 354 , 452 , 504 , 506 के तहत अपराध पंजीकृत के करके जांच कार्यवाही शुरू कर दी है । ज्ञात हो कि यहां पर तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी श्याम कुमार को भ्रष्टाचार में महारत हांसिल है । उनके विरुद्ध मुंह खोलने वालों को हरिजन ऐक्ट का मुकदमा झेलना पड़ता है । वर्ष 2020 में उपरोक्त ग्राम पंचायत अधिकारी विकासखंड महोली की ग्राम पंचायत पिपरावां में तैनात था । वहां की महिला ग्राम प्रधान आशा देवी से गांव के   लाभार्थियों ने आवास और शौंचालय में ग्राम पंचायत अधिकारी व्दारा सुविधा शुल्क मांगने की शिकायत की थी । जिस पर उन्होंने ग्राम पंचायत अधिकारी के विरुद्ध खंड विकास अधिकारी से सिकायत की । परंतु ग्राम पंचायत अधिकारी ने महिला प्रधान पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया । शिकायत वापस न लेने पर 9 जनवरी 2020 को अपराध सं. 0 017 पर धारा 332 , 323 , 504 , 506 व अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत प्रधान पति व प्रधान पुत्र राम जी पर थाना महोली में अपराध पंजीकृत करा दिया । मांमले को लेकर काफी विरोध हुआ । तो जनपद के उच्चाधिकारियों ने उपरोक्त ग्राम पंचायत अधिकारी का स्थानांतरण विकास खंड मिश्रित को कर दिया । लेकिन वह अपनी पुरानी हरकतों से बाज नहीं आए।  यहां आते ही ग्राम पंचायत निरहन में तैनाती मिली । वहां के निवासी जंगी सिंह के भाई की बीमारी से मृत्यु हो गई थी । वह खंडविकास अधिकारी से आदेश कराकर परिवार रजिस्टर की नकल एवं मृत्यु प्रमाण पत्र लेने आये । परन्तु ग्राम पंचायत अधिकारी ने सुविधा शुल्क की मांग की न देने पर उन्होंने बिना हस्ताक्षर और मोहर के परिवार रजिस्टर की नकल व मृत्यु प्रमाण पत्र दे दिया । जब वह मान्य नहीं हुआ तो पीड़ित फिर उनके पास हस्ताक्षर और मोहर कराने गया । जिस पर वह पीड़ित को अपशब्द कहने लगे उसके व्दारा विरोध करने पर थाना पिसावां में मुदमा पंजीकृत करा दिया । अभी कुछ ही दिन बीते थे । पंचायत चुनाव के बाद आवास लाभार्थियों को आवास प्रदान करने का लक्ष्य आया है । जिसमें ग्राम पंचायत के लाभार्थियों का आरोप था । कि ग्राम पंचायत अधिकारी सुविधा शुल्क लेकर पात्रों का नाम सूची की क्रम संख्या से बदलकर अपात्रों का नाम भर रहे है । इस बात की शिकायत उन्होंने खंड विकास अधिकारी सहित जनपद के उच्चाधिकारियों से की थी ।  जिसकी जांच ब्लाक में तैनात एडीओ एजी व सेक्टर प्रभारी ओम प्रकाश को सौंपी गई थी । वह बीते शुक्रवार को  मौके की जांच करने गांव गए थे । तभी पीछे से ग्राम पंचायत अधिकारी श्याम कुमार भी पहुंच गए । और शिकायत कर्ताओं पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने लगे । जब शिकायत कर्ताओं ने शिकायत वापस लेने से इंकार कर दिया । तो उनके बिरुध्द थाना पिसावां में तहरीर देकर सरकारी कार्य में बाधा और हरिजन ऐक्ट जैसी संगीन धाराओं में अपराध पंजीकृत करा दिया । जिससे निरहन गांव के लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है । सभी लोगो ने मांमले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है ।


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