सैनिक सम्मान के साथ जवान का हुआ अंतिम संस्कार

 


जवान के बेटे व भाइयों ने दी चिता को मुखाग्नि

-देर रात घर पहुंचा था बीएसएफ जवान का पार्थिव शरीर
-BSF के जवान का श्रीनगर में ड्यूटी के दौरान हुआ था निधन
-हार्ट अटैक से हुआ था जवान का निधन
-सेना की टुकड़ी के साथ सेना के वाहन से पार्थिव शरीर घर पहुंचा
-पार्थिव शरीर घर पहुंचते ही परिजनों व गांव के लोगों में मचा कोहराम
हरदोई।देश की सीमा की रक्षा करते करते हरदोई के कछौना क्षेत्र का लाल कुर्बान हो गया। BSF की 163 वीं बटालियन के जवान शैलेंद्र कुमार वर्मा की श्रीनगर के पंथा चौक में हृदयगति रुकने से मौत हो गई। बटालियन की तरफ से सोमवार देकर रात उनका शव गांव लाया गया। शव घर आते ही गांव में करुण क्रंदन मच गया।सैनिक का मंगलवार को गांव में सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।उनकी चिता को बेटे के साथ भाइयों ने मुखाग्नि दी।
     कछौना क्षेत्र के पंचमखेड़ा निवासी शैलेंद्र कुमार वर्मा वर्ष 2003 में BSF में भर्ती हुए थे। लखनऊ पुलिस में तैनात उनके बड़े भाई देवेंद्र कुमार ने बताया कि रविवार को साढ़े 11 बजे उनके पास BSF के सहायक कमांडेंट का फोन आया और उन्होंने बताया कि ड्यूटी से वापस जाते समय शैलेंद्र कुमार वर्मा चक्कर खाकर गिर गए हैं, उन्हें अस्पताल भर्ती कराया गया है, लेकिन थोड़ी ही देर बात 12 बजकर 05 मिनट पर फिर फोन आया और बताया कि श्रीनगर अस्पताल में शैलेंद्र कुमार का उपचार के दौरान निधन हो गया।जैसे ही यह जानकारी मिली तो गांव ही नहीं समूचे क्षेत्र में शोक छा गया। देवेंद्र ने बताया कि उन्हें सोमवार को ही हवाई जहाज से शव रवाना कर दिया गया था जो देर रात घर पहुंचा।वीर सपूत बेटे शैलेंद्र कुमार वर्मा की मौत की खबर से बुजुर्ग पिता भीखमलाल और मां राजरानी बदहवास सी हो गईं। उन्होंने बताया कि अभी नवंबर में ही तो शैलेंद्र परिवार समेत घर आया था और मां से कहा था कि वह फिर जल्दी आएगा। सपूत शैलेंद्र कुमार वर्मा की पत्नी सुमन और पुत्री पायल, नीलम और पुत्र प्रशांत व अनुराग हैं। पूरा परिवार उनके साथ ही रहता था।

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