विकास ऐसा कि बनते ही जाम हो गया गेट

 


मछरेहटा- सीतापुर । बीते पांच साल में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की जुगलबंदी ने विकास करने में शायद ही कोई कसर बाकी रखी होगी । ग्राम पंचायतों में प्रधान और क्षेत्र पंचायतों में प्रमुख द्वारा कराए गए विकास कार्य तो ऐसे हुए कि हाल ही में संपन्न त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में अधिकांश ग्राम पंचायतों में जनता ने पुराने प्रधानों को नकार दिया । क्षेत्र पंचायत प्रमुखों की कार्यशैली भी कमोबेश ऐसी ही रही है । इन लोगों ने विकास के नाम पर लूट के अलावा और कुछ भी नहीं किया जिसका जीता जागता उदाहरण मछरेहटा विकास खंड मुख्यालय ही है । पंचायत चुनाव से ठीक पहले प्रमुख द्वारा मुख्यालय के पुराने गेट तोडकर दूसरे गेट लगाने का निर्णय लिया गया । पैसा निकालने के चक्कर में आनन फानन में गेट लग गये । विधायक और प्रमुख के नाम लिखे ग्रेनाइट के चमचमाते पत्थर भी लगे लेकिन इन सबके बीच विकास के बोझ तले ब्लाक के पूरब साइड का गेट बैठ गया जो अभी तक खुल नही सका । खंड विकास अधिकारी ने बताया कि जेई से बात करके सही करवाएंगे । जेई से बात की गई तो उन्होंने कहा कि गेट सही करवाया जायेगा लेकिन बनते ही गेट जाम क्यों हो गया इसका सही जवाब जेई साहब नहीं दे पाए - ये है विकास की एक झलक बाकी तो गांवों को देखने से ही पता चलता है कि बीते पांच साल विकास का रथ कितनी रफ्तार से दौडा है ।


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