हरदोई में सूख गए तालाब कहाँ जाएं मवेशी


 जिले में सूखे तालाब उड़ रही धूल,पानी के लिए भटक रहे मवेशी

हरदोई।ग्रामीण क्षेत्रों में तालाब खुदवाने के लिए करोड़ों रुपये का बजट खर्च किया गया है जिससे गर्मी के मौसम में तालाबों में पानी नजर आए मवेशियों की प्यास बुझ सके, मगर ऐसा नहीं है। मवेशी पानी की तलाश में इधर से उधर भटकते हैं।बारिश में यह तालाब लबालब थे लेकिन तमाम तालाबों का पानी सूख गया है जिससे अब सूखे तालाबों में धूल उड़ रही है।
      जल संचयन और पानी के संकट का समाधान कराने के लिए मनरेगा से हर वर्ष तालाबों की खुदाई कराई जा रही है। जिन पर करोड़ों रुपया खर्च किया जा रहा है। लेकिन तालाबों में पानी भरवाने के लिए धन का कोई प्रबंध नहीं है। इससे अधिकांश तालाब सूखे पड़े हैं। बेजुबान पशु-पक्षी पानी के लिए बेहाल हैं ऐसे में उन पशुपालकों के लिए परेशानी खड़ी हो गई है, जो तालाब-पोखरे में अपने पशु को नहलाते-धुलाते थे। यही नहीं मवेशियों के समक्ष पेयजल संकट भी खड़ा होने लगा है। तालाब तो सूखे ही हैं, अगल-बगल की नहरें भी बेपानी हैं, जिसकी वजह से परेशानी और ज्यादा हो गई है।
      गर्मी का मौसम अपना तेवर दिखा रही है। ऐसे में तालाब में पानी भरे रहने से न केवल उनकी प्यास बुझने का सहारा रहता है, वरन उनके नहाने की भी सुविधा उपलब्ध रहती है, परंतु ऐसा कुछ भी नहीं हो पा रहा है। कहने को तो महीने की शुरूआत में ही प्रशासन ने सभी सूखे तालाब व आदर्श जलाशयों में पानी भराने संबंधित हिदायत दी थी, लेकिन अभी तक इस पर अमल होता नजर नहीं आ रहा है।पीडीएस प्रमोद सिंह चंदेल ने बताया कि पेयजल व्यवस्था के लिए तालाबों आदि को भराने के लिए सम्बन्धित विभागों के द्वारा व्यवस्था की जा रही है।

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